जानसठ। चार वर्षीय मासूम परी की हत्या में पुलिस ने एक मनोरोगी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद युवक के परिजनों और कस्बे के लोगों ने थाने में विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस उनके बेटे को झूठा फंसाना चाहती है।
कस्बे के मोहल्ला जन्नताबाद निवासी मोहसिन की चार वर्षीय बेटी परी पांच मार्च को गायब हो गई थी। अगले दिन पास के मकान में ही शौचालय के टैंक में मासूम का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेकर घटना का शीघ्र खुलासा करने का दावा किया था, लेकिन सात दिन बाद भी परी हत्याकांड का खुलासा नहीं होने पर कस्बेवासियों में रोष व्याप्त है। बुधवार को कस्बे के लोगों ने नगर पंचायत कार्यालय पर बैठक कर घटना का खुलासा नहीं होने पर रोष जताया था।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने परी हत्याकांड में मोहल्ला जुमा निवासी मनोरोगी युवक शिबूब पुत्र मेहरदीन को हिरासत में ले लिया, जिसे लेकर परिवार के लोगों में आक्रोश फैल गया। परिवार के लोग कस्बे के कुछ लोगों को साथ लेकर थाने में पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस जानबूझकर उनके पुत्र को इस मामले में झूठा फंसाना चाहती है। उधर, पुलिस ने लोगों को जांच पड़ताल करने का आश्वासन दिया है। वहीं, परी हत्याकांड का सात दिन बाद भी खुलासा नहीं होने पर पीड़ित परिजनों में रोष व्याप्त है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से हत्याकांड का शीघ्र खुलासा करने की मांग की है।
इंस्पेक्टर डीके त्यागी का कहना है कि परी हत्याकांड में पूर्व में राजमिस्त्री सहित तीन मजदूरों को हिरासत में लेकर शव बरामद किया था। अभी तक इस हत्याकांड में पूरी तरह से तहकीकात नहीं हो सकी है। अब इन तीनों के अलावा मोहल्ला जुमा निवासी शिबूब को शक के आधार पर हिरासत में लिया गया है। परी हत्याकांड में निष्पक्ष जांच करने के बाद ही खुलासा किया जाएगा। किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा।