भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं को मनाने की पार्टी नेताओं की सारी जुगत फेल हो गई। महिलाओं ने शिवचौक पर रातभर धरना दिया। रात्रि में दो बजे निकाय प्रभारी पूर्व विधायक राजीव गुंबर को भी महिलाओं ने बैरंग लौटा दिया। उनके साथ आए जिलाध्यक्ष को भी आड़े हाथ लिया। महिला मोर्चा के अलग से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद मंगलवार को दोपहर धरना समाप्त हुआ।
सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर सुधा राज शर्मा को टिकट दिए जाने से नाराज महिला कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बीजेपी के सांसद डॉ संजीव बालियान, विधायक कपिलदेव अग्रवाल और जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी के पुतले फूंके थे। महिलाओं ने मनाने पहुंचे तीनों नेताओं और प्रत्याशी के पति अरविंद राज शर्मा को भी खरी-खोटी सुनाई थी। महिलाओं का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार दोपहर तक चला।
रात्रि में साढ़े दस बजे नगर विधायक कपिलदेव अग्रवाल महिलाओं को मनाने पहुंचे, तो वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं की भीड़ उनसे उलझ पड़ी। मौके की नजाकत को भांपकर विधायक ने वहां से निकलना ही बेहतर समझा। सांसद संजीव बालियान भी हाईकमान के संपर्क में रहे। रात्रि एक बजे जिले के निकाय चुनाव प्रभारी राजीव गुंबर और जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी महिलाओं को मनाने के लिए पहुंचे। महिलाओं के तीखे तेवर बरकरार रहे।
इन नेताओं को गुस्साई भाजपा कार्यकर्ताओं की सुनकर बैरंग लौटना पड़ा। रातभर महिलाएं शिवचौक पर बैठी रहीं। मंगलवार दोपहर महिलाओं ने पूर्व विधायक सुशीला अग्रवाल को प्रत्याशी बनाने का फैसला लेते हुए धरना समाप्त किया। सभी महिलाओं ने सुशीला अग्रवाल के लिए ही काम करने का संकल्प लिया।
हालांकि पर्चे में कोई गड़बड़ी न हो, इसे देखते हुए सरिता अरोरा का नामांकन भी कराया गया। धरने पर रात्रि में पूर्व विधायक सुशीला अग्रवाल, महेशो चौधरी, साधना सिंघल, सुनीता शुक्ला, सुनीता शर्मा, एकता गुप्ता, सरिता अरोड़ा, सरिता गौड़, रेणू चौधरी, रेखा अग्रवाल, लक्ष्मी धीमान, रेनू गर्ग, सुषमा पुंडीर, प्रीति चौधरी आदि शामिल रही।