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क्रय केंद्रों धान खरीद पर पाबंदी ने किसानों की बढ़ाई मुश्किल

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चरथावल। लखनऊ से ग्रामीण क्षेत्र में बनें केंद्रों पर धान खरीद बंद करने के फरमान से किसानों में मायूसी है। शुक्रवार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी केंद्रों पर ग्रामीण अंचलों में खरीद का लॉगिन बंद कर दिया है। अचानक शासन द्वारा खरीद पर ब्रेक लगाने के बाद देहात इलाके के किसानों को मुजफ्फरनगर नवीन मंडी में आपूर्ति करने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ेगा।
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लखनऊ से खाद्य एवं रसद विभाग के अपर आयुक्त अरुण सिंह ने खरीफ विपणन के तहत धान खरीद के संबंध में नया आदेश दिया है। बताया कि वेस्ट यूपी में मंडी स्थल से बाहर सभी क्रय केंद्र शून्य कर दिए गए है। जबकि मंडी स्थल पर सिर्फ एक केंद्र पर खरीद की व्यवस्था जारी रहेगी। जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में मंडी के बाहर स्थित क्रय केंद्रों पर एक क्रय केंद्र संचालित रहेगा। केंद्रों पर खरीद बंद करने के पीछे प्रदेश में धान खरीद के सापेक्ष 2143.81 करोड़ रुपये का बकाया बताया गया है।
उधर, चरथावल केंद्र के एसएमआई मुकेश कुमार ने बताया चरथावल और बघरा में गत वर्ष 3368 के सापेक्ष 3578 क्विंटल खरीद की जा चुकी है। उन्होंने केंद्र बंद करने के निर्देश जिला विपणन अधिकारी ने दिए है। बता दें कि सरकार ने धान क्रय केंद्रों को 31 जनवरी तक चालू रखने के आदेश थे। भाकियू जिला उपाध्यक्ष विकास शर्मा ने बताया अचानक केंद्रों पर खरीद बंद होने से चरथावल के अलावा मोरना और पुरकाजी ब्लॉक में किसानों के समक्ष संकट खड़ा हो गया है। किसान स्वाभिमान एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. अमरीश राणा ने कहा ग्रामीण क्षेत्र में केंद्र बंद होने से किसानों को एमएसपी पर धान का मूल्य नहीं मिल पाएगा।
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वर्जन:
जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश सिंह ने बताया कि अपर आयुक्त के आदेश पर जिले के आठ केंद्र पुरकाजी, मोरना, जाीसठ, खतौली, चरथावल, शेरपुर, सिखरेड़ा और हुसैनपुर रामराज में खरीद बंद कर दी है। नवीन मंडी स्थल पर एक कांटे पर शुक्रवार से खरीद की जा रही है। इस वर्ष के लक्ष्य 4200 मीट्रिक टन के सापेक्ष 3459.80 की खरीद हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष पूरी खरीद 3232.50 मीट्रिक टन थी।
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