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मुठभेड़ में दबोचा 25 हजार का इनामी

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रतनपुरी पुलिस मुठभेड़ में घायल इनामी बदमाश को लेकर जाते हुए। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुठभेड़ में दबोचा 25 हजार का इनामी
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रतनपुरी (मुजफ्फरनगर)। इंचौड़ा मार्ग पर सोमवार दोपहर हुई मुठभेड़ में पुलिस ने 25 हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। पुलिस की गोली से घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनामी बदमाश ने करीब साढ़े तीन माह पूर्व गांव भनवाड़ा में शादी से दो दिन पूर्व युवक की अपहरण कर हत्या कर दी थी।
एसओ रतनपुरी राजेंद्र गिरी सोमवार दोपहर एसआई दुजेंद्रपाल के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान इंचौड़ा मार्ग पर बाइक सवार दो संदिग्ध युवकों को पुलिस ने रुकने के लिए कहा, जिन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक युवक को पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा फरार हो गया। घायल बदमाश की पहचान 25 हजार के इनामी आसिफ पुत्र शमशाद निवासी गांव कलछीना थाना भोजपुर, जिला गाजियाबाद के रूप में हुई। मुठभेड़ की सूचना पर एसपी देहात नेपाल सिंह व सीओ बुढ़ाना गिरिजा शंकर त्रिपाठी भी मौके पर जा पहुंचे, जिसके बाद घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराते हुए उसके साथी की तलाश में कांबिंग की गई, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। घटनास्थल से एक बाइक, तमंचा, कारतूस बरामद किए गए हैं। एसपी देहात नेपाल सिंह का कहना है कि घायल आसिफ ने गत 13 मार्च की रात गांव हुसैनपुर भनवाड़ा में अब्दुल वहाब पुत्र दिलशाद व उसके भाई इस्माइल का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस इस मामले में चार आरोपियों को जेल भेज चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी आसिफ फरार था, जिस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
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अब्दुल वहाब की होने वाली पत्नी से थे आसिफ के संबंध
रतनपुरी। एसओ राजेंद्र गिरी ने बताया कि आसिफ के अब्दुल वहाब की होने वाली पत्नी से प्रेम संबंध थे। प्रेमिका की अब्दुल वहाब के साथ शादी तय होने के बाद आसिफ ने उसकी हत्या की साजिश रची। 15 मार्च को अब्दुल वहाब की बरात जानी थी, लेकिन इससे पहले ही आसिफ ने अपने साथियों अरशद पुत्र तौहीद, दीन मोहम्मद उर्फ दीनू पुत्र चुन्नू, कामिल पुत्र फरमूद निवासीगण गांव खिवाईं, सरूरपुर और जमील उर्फ कल्ला पुत्र जाफर के साथ मिलकर 13 मार्च की रात हुसैनपुर भनवाड़ा पहुंचकर अब्दुल वहाब व उसके भाई इस्माइल का अपहरण कर लिया। देर रात इस्माइल को तो छोड़ दिया गया, लेकिन अब्दुल के हाथ-पैर बांधने के बाद उसकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। इस्माइल ने ही इस हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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