मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना निवासी मोनू खटीक हत्याकांड के आरोपी मुठभेड़ में घायल सादिक की मेरठ मेडिकल में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
17 अगस्त को रियाज मलिक के मकान में घुसने पर कुछ लोगों ने मोनू खटीक निवासी मोहल्ला पछाला को चोर समझकर उसकी पिटाई कर दी थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। उसकी पत्नी ने बुढ़ाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में 19 अगस्त को बड़ौत रोड नहर पटरी पर मुठभेड़ के बाद बुढ़ाना के करबला रोड निवासी आरोपी सादिक पैर में गोली लगने से घायल हो गया था। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। जेल में दर्द की शिकायत होने पर उसे इंजेक्शन लगाए जाते रहे। दो दिन पहले ज्यादा हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे मेरठ मेडिकल रेफर कर दिया था। उपचार के दौरान वहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी का कहना है कि बंदी सादिक को पेट दर्द की शिकायत की थी। उसे जेल के अस्पताल में उपचार दिया गया। बाद में दो दिन पहले जिला अस्पताल भेजा गया। वहां से उसे मेरठ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया, जहां शुक्रवार सुबह मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम मेरठ में ही कराया जा रहा है। उधर, परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।