मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद ने माध्यमिक विद्यालयों में सीबीएसई की भांति कक्षाओं के सेक्शन में अधिकतम छात्र संख्या 40 निर्धारित किए जाने की मांग की है। विभाग ने हाल ही में प्रति सेक्शन छात्र संख्या 90 से 120 सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं ।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मेंद्र शर्मा के माध्यम से प्रदेश की शिक्षा मंत्री को भेजे ज्ञापन में प्रधानाचार्यों ने मांग की कि यह आदेश किसी भी दृष्टि से छात्रहित और शिक्षा के उन्नयन के लिए सही नहीं है, क्योंकि प्रदेश के अधिकांश विद्यालयों में इतने बड़े कमरे है ही नहीं कि जहां 90 से 120 की संख्या में छात्र-छात्राएं बैठकर शिक्षा ग्रहण कर सकें।
साथ ही एक अध्यापक द्वारा इतनी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को पढ़ाना कठिन होगा। इसलिए सीबीएसई ने कड़ाई के साथ अपने विद्यालयों में एक सेक्शन में अधिकतम संख्या चालीस निर्धारित की है। इसके उल्टे यूपी बोर्ड के लिए यह संख्या नब्बे से एक सौ बीस की जा रही है, जबकि इन विद्यालयों अपेक्षाकृत संसाधन सीमित हैं।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि मुजफ्फरनगर जनपद के माध्यमिक विद्यालयों की जूनियर कक्षाओं में परोसे जाने वाले मिड-डे-मील योजना के अंतर्गत सप्ताह में एक बार छात्रों को ताहरी के साथ दूध दिया जाता है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक है। इसलिए बालकों को केला के साथ गुणवत्तायुक्त दूध परोसा जाए।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ़ धर्मेन्द्र शर्मा के माध्यम से शिक्षा मंत्री को जनपद के प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष विजय कुमार शर्मा, सचिव सोहन पाल, डॉ. सलीम अहमद, नरेश प्रताप सिंह, डॉ. विकास शर्मा, सुनील कुमार शर्मा, सुधीर त्यागी, यतेन्द्र धीर, चन्द्र शेखर, दिनेश कुमार, पवन भोंसले, रामपाल लाल ने ज्ञापन दिया।