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गड़वाड़ा विद्यालय में समस्याओं का अंबार

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भोपा के गड़वाड़ा गांव का परिषदीय विद्यालय। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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भोपा। गांव गड़वाड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय में समस्याओं का अंबार है। कक्ष छोटे होने के कारण कक्षा एक से पांचवी तक के छात्र-छात्राओं का इसमें बैठना दूभर रहता है। ठंड के मौसम में भी बच्चों को खुले परिसर में बैठना पड़ता है। विद्यालय में न तो विद्युत कनेक्शन हैं और न ही साफ पानी की व्यवस्था। शौचालय भी बंद हो चुके हैं।
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ग्रामीण क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहद खराब है। अमर उजाला टीम ने ऐसे ही गड़वाड़ा के गांव प्राथमिक विद्यालय का भ्रमण कर पड़ताल की। विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक के 110 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं। यहां तीन कक्ष बने हैं। तीन कमरों में दो-दो कक्षाओं के बच्चों को बैठाया जाता है, जिसके चलते छात्र-छात्राओं को शिक्षण कार्य कराना संभव नहीं है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को सर्दी के मौसम में भी बाहर विद्यालय परिसर में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
इसी के साथ स्कूल परिसर में दो आंगनबाड़ी सेंटर हैं। विद्यालय की जर्जर हो चुकी पुरानी बिल्डिंग के बरामदे में आंगनबाड़ी के लगभग 40 बच्चे बैठाए जाते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस बिल्डिंग में कई दरारें भी हैं। छात्र-छात्राओं ने बताया कि यहां बने शौचालय बंद हो चुके हैं। उन्हें शौच के लिए स्कूल से अपने-अपने घर जाना पड़ता है। विद्यालय में बिजली कनेक्शन भी नहीं है। सर्दी के मौसम में रोशनी कम होने के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई में दिक्कत होती है। एक बड़ी समस्या यह भी है कि बराबर में तालाब होने के कारण विद्यालय में लगे हैंडपंप का पानी दूषित हो चुका है। बच्चे इसी हैंडपंप का पानी पीते हैं तथा मिड डे मील में भी यही इस्तेमाल होता है। विद्यालय के मुख्य द्वार पर ही गंदगी का अंबार लगा हुआ है। विद्यालय में प्रधानाचार्य अरुण कुमार, सहायक अध्यापिका गरिमा, शिक्षामित्र संजय कुमार व मंजू गर्ग तैनात हैं। प्रधानाचार्य अरुण कुमार व प्रधान महेंद्र सिंह का कहना है कि अधिकारियों को समस्याओं से अवगत करा दिया गया है।
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ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कार्य योजना बनाई जा रही है। बिल्डिंग, शौचालयों आदि की फोटोग्राफी कर विभाग को भेजी जा चुकी है। 31 मार्च तक समस्याओं के निस्तारण की संभावना है। गड़वाड़ा के विद्यालय में उत्पन्न समस्या के निस्तारण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
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- जितेंद्र तोमर, खंड शिक्षा अधिकारी, मोरना
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