दारुल उलूम की लाइब्रेरी में मोहतमिम के संबोधन के दौरान मौजूद मदरसा छात्र
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देवबंद (सहारनपुर)। दारुल उलूम समेत अन्य दीनी इदारों में प्रबंधतंत्र ने छात्रों को किसी भी प्रकार के विरोध में प्रदर्शन का हिस्सा न बनने की नसीहत की है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि छात्र पढ़ाई पर ध्यान दें और इधर उधर घूमने से बचें।
मंगलवार को दारुल उलूम की नवनिर्मित लाइब्रेरी में संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि छात्र कोई भी ऐसा काम न करें जिससे दारुल उलूम के वजूद पर असर पडे़। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश बेहद बुरे हाल से गुजर रहा है, ऐसे में हम सबकी जिम्मेदारी है कि देश के अमनो अमान को बचा कर रखें। मौलाना बनारसी ने कहा कि इस समय मदरसा छात्रों की जरा सी लापरवाही मदारिस के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती। इसलिए छात्र किसी भी तरह का कोई ऐसा काम न करें जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़े। जमीयत अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि इन हालातों से बेहद समझदारी के साथ निपटना होगा। छात्रों को चाहिए कि वह पढ़ाई में दिल लगाएं। उधर, मोहल्ला खानकाह स्थित मदरसा जामिया तुश शेख हुसैन अहमद अल मदनी में आयोजित कार्यक्रम में संस्था के मोहतमिम मौलाना मुजम्मिल अली ने छात्रों से कहा कि उन्हें कोई भी काम ऐसा नहीं करना है जिससे उन्हें और इदारे को नुकसान उठाना पड़े। उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र अनावश्यक रुप से इधर उधर घूमता मिलता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मौलाना मुजम्मिल ने यह भी कहा कि वर्तमान हालात को देखते हुए दिन में दो बार हाजिरी ली जाएगी। इस दौरान यदि कोई छात्र अनुपस्थित मिलता है तो उसका नाम काट दिया जाएगा। उन्होंने छात्रों से एंड्रायड मोबाइल का इस्तेमाल न करने का आह्वान किया।
दारुल उलूम ने भेजा राष्ट्रपति को ज्ञापन
देवबंद। नागरिकता संशोधन कानून और संभावित एनआरसी को लेकर दारुल उलूम के मोहतमिम ने राष्ट्रपति और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया है। जिसमें मांग की गई है कि देश की दूसरी सबसे बड़ी आबादी के हितों को ध्यान में रखते हुए इस बिल को वापस कराएं।