- चीनी मिल प्रबंधकों ने ब्राजील जाकर देखी इथेनॉल बनाने की प्रक्रिया
- देश के 20 सदस्य प्रतिनिधि मंडल में मंसूरपुर मिल के उपाध्यक्ष दीक्षित रहे शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। जिले की चीनी मिले नए सत्र से इथेनॉल का उत्पादन कर सकती है। खाद्य विभाग के संयुक्त निदेशक जितेंद्र जुयाल के नेतृत्व में चीनी मिलों के प्रबंधक, तेल कंपनी, ऑटो मोबाइल कंपनियों के अधिकारियों ने ब्राजील पहुंचकर उत्पादन प्रक्रिया देखी। इस प्रतिनिधि मंडल में मंसूरपुर चीनी मिल के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित भी शामिल रहे।
2022-23 में चीनी मिल चीनी के साथ इथेनॉल का उत्पादन भी बढ़ाएगी। केंद्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने ब्राजील शुगर मॉडल का अध्ययन कर केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी है। 2025 तक केंद्र सरकार ने 20 प्रतिशत इथेनॉल पेट्रोल में मिलाने का लक्ष्य रखा है। दीक्षित ने बताया कि इथेनॉल उत्पादन बढ़ने से तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी। शुगर मिल में गन्ने के रस से इथेनॉल का उत्पादन बढ़ा कर 20 प्रतिशत तक पेट्रोल में मिलाने तथा मिश्रित पेट्रोल से वाहनों में बदलाव करने का अध्ययन करने के लिए प्रतिनिधिमंडल गया था। विशेषज्ञों की 20 सदस्यी टीम ने ब्राजील की शुगर मिलों तथा अन्य संबंधित कंपनियों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी है।
इथेनॉल बनाने से मिलेगा लाभ
इथेनॉल विशेषज्ञ अरविंद कुमार दीक्षित ने बताया कि 18 जून को 20 सदस्यीय टीम ने ब्राजील के साओ पाउलो शहर में जाकर अध्ययन किया। वहां उन्होंने शुगर मिलों में चीनी उत्पादन, इथेनॉल का उत्पादन, भंडारण तथा पेट्रोल में मिलाने की तकनीक तथा वाहन कंपनियां इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के लिए वाहन इंजनों की तकनीक में क्या परिवर्तन कर रही है? आदि विषयों का अध्ययन किया। शुगर मिल इथेनॉल उत्पादन को ध्यान में रखकर क्षमता बढ़ा रही है तथा तकनीक में परिवर्तन कर रही हैं। चीनी मिल चीनी के साथ-साथ इथेनॉल का उत्पादन भी करेंगी, जिससे शुगर मिलों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी तथा किसानों का गन्ना भुगतान भी समय पर होगा।
चीनी मिलों को परिवर्तन कराना होगा
जिला गन्ना अधिकारी आरडी द्विवेदी का कहना है कि इस समय हमारे जिले की चीनी मिले शीरे से इथेनॉल बना रही है। गन्ने के रस से सीधे इथेनॉल बनाने की तकनीक अभी हमारे यहां विकसित नहीं हो पाई है। कई चीनी मिले इस दिशा में परिवर्तन करते हुए तैयारी कर रही हैं।