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‘बीमार और बुजुर्ग घर में ही इबादत करें’

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देवबंद। कोरोना वायरस के बीच आए रहमत और बरकतों वाले रमजान माह में मस्जिदों में इबादत का सिलसिला अधिक रहता है। इसलिए बुजुर्ग और बीमार लोगों को यह हिदायत दी जा रही है कि वह घर में रहकर ही तरावीह सहित इबादत करें। इसके साथ ही मस्जिदों में मास्क और दो गज की दूरी का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है।
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लोगों को कोरोना वायरस की जद में आने से बचाने के लिए मस्जिदों में खासे इंतजाम किए गए हैं। मस्जिदों के मुख्य द्वार पर स्टैंड पर सैनिटाइजर और मास्क रखवाए गए हैं। मस्जिद में प्रवेश से पूर्व हाथों पर सैनिटाइजर लगाने और मुंह पर मास्क लगाए जाने को जरूरी करार दिया गया है। बिना मास्क लगाए मस्जिदों में प्रवेश नहीं मिलेगा। मरकजी जामा मस्जिद प्रबंधन ने नमाज के लिए आने वाले नमाजियों के लिए सभी दरवाजों पर सैनिटाइजर और मास्क रखवाए गए हैं। हर नमाज के बाद लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने तथा मास्क को मुंह पर अच्छी तरह लगाए जाने की हिदायत दी जा रही है, साथ ही मस्जिदों में बुजुर्गों और बीमार लोगों को आने के लिए मना किया गया है। मुतवल्ली हाजी अनवर उस्मानी ने बुजुर्ग नमाजियों से मस्जिद में न आने की अपील करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए जितना हो सके घरों में रहकर ही इबादत करें।
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