नगर पालिका प्रशासन ने सभासदों के सहयोग से महावीर चौक से स्वच्छता अभियान शुरू किया तो पालिका के हड़ताली कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। ईओ को अभियान को स्थगित करना पड़ा। कर्मचारियों के हंगामे से काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के आठ दिन होने के कारण शहर की जनता को सफाई के लिए जागरूक करने के लिए ईओ ने सभासदों के सहयोग से महावीर चौक पर स्वच्छता अभियान शुरू करने का प्रयास किया। चेयरमैन के पति अशोक अग्रवाल, सभासद नरेश गुप्ता, विकास, बिजेंद्र पाल आदि अभियान में पहुंच गए। अभियान की सूचना जैसे ही सफाई कर्मचारी संघ को लगी, बड़ी संख्या में कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।
कर्मचारियों ने महावीर चौक पर हंगामा कर दिया और सफाई अभियान के लिए लाई गई झाडू आदि भी छीन ली। ईओ विकास सेन और कर्मचारी संघ नेताओं की बहस भी हुई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारीक कुरैशी ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। हंगामे के बीच ईओ को सफाई अभियान स्थगित करना पड़ा। हंगामे की सूचना पर सिविल लाईन पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोनो पक्षों को समझाकर मामला शांत किया गया।
हड़ताली कर्मियों ने निकाला जुलूस
मुजफ्फरनगर। हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर शहर में जुलूस निकाला। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों को नहीं मान लिया जाता उनका आंदोलन जारी रहेगा। सफाई कर्मचारी टाउन हाल के प्रांगण में एकत्र हुए। पालिका परिसर में धरना देकर प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने सभी पचास वार्डों में सफाई कार्य बंद कर रखा है। पालिका ने ठेके पर काम कर रहे 116 कर्मचारियों का ठेका भी निरस्त कर दिया है। 252 संविदा कर्मचारियों को नोटिस दिया गया है।
पालिका पर उत्पीडन का आरोप लगाते हुए सफाई कर्मचारियों ने शहर में जुलूस निकाला। प्रदर्शन में संघ के अध्यक्ष राजू वैद, महामंत्री मदनलाल, कालूराम पारचा, कस्तूर सिंह स्नेही, श्यामलाल, सूरज कुमार, सरोज सुधा, आत्माराम सहित सैकड़ों महिला पुरुष सफाई कर्मचारी शामिल रहे।
ईओ ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को दिया नोटिस
मुजफ्फरनगर। नगर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर पालिका में भी हलचल मची है। ईओ ने हड़ताल में शामिल 252 संविदा सफाई कर्मचारियों को नोटिस जारी नहीं करने के मामले में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरएस राठी को नोटिस दे दिया है। ईओ विकास सेन ने कहा कि संविदा सफाई कर्मचारियों को 30 से 40 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन पालिका देती है, ऐसे में काम पर नहीं आने पर उनसे जवाब तलब क्यों नहीं किया गया।