हाईवे शूटआउट : रोहित की तलाश में पोस्टर चस्पा
मुजफ्फरनगर/मीरापुर। मिर्जापुर पुलिस पर हमला कर फरार हुए सुपारी किलर रोहित का 60 घंटे बाद भी पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है। वहीं, अभिरक्षा से छुड़ाने वाले अपराधियों को भी अब तक चिह्नित नहीं किया जा सका है। मीरापुर में रोहित की तलाश में उसके फोटो लगे पोस्टर चस्पा कर लोगों से उसकी जानकारी देने की अपील की गई है।
जानसठ क्षेत्र में गांव सालारपुर स्थित ढाबे पर मंगलवार दोपहर मिर्जापुर लौट रहे पुलिसकर्मियों पर हमला कर सुपारी किलर जौहरा निवासी रोहित को अभिरक्षा से छुड़ा लिया गया था। रोहित मिर्जापुर जेल से पेशी पर कोर्ट आया था, जहां से लौटते समय वह फरार हो गया था। इसके बाद जनपद पुलिस लगातार रोहित व उसे छुड़ाने वाले बदमाशों की तलाश में मीरापुर, जानसठ, ककरौली व भोपा क्षेत्र में लगातार कांबिंग के साथ ही चेकिंग अभियान चला रही है, लेकिन फरारी के 60 घंटे बीतने के बावजूद अब तक शॉर्प शूटर का सुराग नहीं लग पाया है। उधर, बृहस्पतिवार सुबह मीरापुर पुलिस द्वारा फरार रोहित की तलाश में थाने के मुख्य गेट के साथ ही कस्बे व आसपास क्षेत्र में उसके फोटो लगे पोस्टर चस्पा किए गए हैं। उक्त पोस्टर में लोगों से अभिरक्षा से फरार रोहित की सूचना देते हुए लोगों से उसके बारे में कोई भी जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।
लेखपाल के परिजनों को किया सतर्क
मीरापुर। थाना क्षेत्र के गांव खेड़ी सराय निवासी लेखपाल प्रमोद शर्मा की तीन नवंबर 2015 को सिखेड़ा क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारोपी प्रमोद शर्मा का लाइसेंसी पिस्टल भी लूट ले गए थे। बाद में पुलिस जांच में हत्याकांड में रोहित का नाम सामने आया था। मंगलवार दोपहर रोहित के पुलिस अभिरक्षा से फरार होने पर पुलिस द्वारा दिवंगत लेखपाल के परिजनों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बृहस्पतिवार को लेखपाल के परिजनों ने इस संबंध में इंस्पेक्टर पंकज त्यागी से भी मुलाकात की।
जेल में रहते हुए अंजाम दिलाई बड़ीं वारदातें
मुजफ्फरनगर। जानसठ के सालारपुर स्थित होटल पर पुलिसकर्मियों पर हमला कर पुलिस अभिरक्षा से फरार होने वाला सुपारी किलर रोहित बेहद शातिराना तरीके से अपराधों को अंजाम देता है। बड़ी वारदातों में खुद शामिल होने के बजाय वह अपने गुर्गों का इस्तेमाल करता है। इसके चलते जो भी बड़ी वारदातें उसके द्वारा अब तक अंजाम दी गईं हैं, उनमें से अधिकांश में वह महज 120-बी का ही मुजरिम है।
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव जौहरा निवासी रोहित पुत्र नेपाल केवल आठ साल के भीतर ही पश्चिमी यूपी में अपराध की दुनिया का बड़ा खिलाड़ी बन गया है। महज 26-27 साल की उम्र में ही कई बड़ी वारदातों केे अंजाम देने वाले शॉर्प शूटर रोहित ने यूं तो वर्ष 2011 में पहली बार अपराध किया था, जिसमें उसके खिलाफ मंसूरपुर थाने में ही मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वर्ष 2012 जाते-जाते उसके खिलाफ कुल आठ मुकदमे मंसूरपुर थाने में दर्ज हो चुके थे, जिसके चलते उस पर गुंडा एक्ट भी लगाई गई। इन मुकदमों में जेल जाने के दौरान उसने जिला कारागार में रहते हुए ही अपना नेटवर्क खड़ा करना शुरू कर दिया था, जिसमें उसने नई उम्र के लड़कों को तरजीह देते हुए उनसे अपराधकारित कराने शुरू किए। वर्ष 2012 के बाद जो भी बड़े अपराध रोहित ने अंजाम दिए, उनमें उसने कम उम्र के लड़कों का ही इस्तेमाल किया। मंसूरपुर शुगर मिल के जीएम से रंगदारी मांगने और नहीं देने पर उस पर कातिलाना हमला कराने, मंसूरपुर में ही सराफ से रंगदारी मांगने और फायरिंग कराने के साथ ही सुशील मूंछ के करीबी यशपाल राठी की 25 जनवरी वर्ष 2017 में हाईवे पर की गई सनसनीखेज हत्या को रोहित ने जेल में रहते हुए अपने गुर्गों से ही अंजाम दिलाया। अपराध की दुनिया में नाम कमाने के लिए रोहित ने यशपाल राठी की हत्या के बाद तो खुलेआम इसे अपने द्वारा कराए जाने की बात कही थी। यही कारण रहा कि रोहित ने जितनी भी बड़ी वारदातें कीं, उनमें वह केवल 120-बी (साजिशकर्ता) का ही आरोपी है।