शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं के कारण वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। हवा में कितना जहर घुला है, इसकी जांच-पड़ताल और मापने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पहल शुरू कर दी है। नेशनल एमबाइंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग के तहत शहर में तीन स्थानों पर स्टेशन बनेंगे, जिनके जरिए 24 घंटे वायु की गुणवत्ता और उसमें मौजूद जहरीले गुणों, कणों की परख की जाएगी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अक्सर विशेष अभियान के तहत शहर में वायु प्रदूषण की माप लेता है। जनपद के एनसीआर में शामिल होने के बाद अनेक स्तर की व्यवस्थाओं को परखा जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाली सुविधाओं के मद्देनजर जटिल समस्याओं के निराकरण को कदम उठाए जा रहे हैं। अभी तक शहर में रेग्युलर वायु प्रदूषण की जांच के लिए कोई पैमाना स्थापित नहीं है। इसे लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने खासी नाराजगी जाहिर की है।
इसके बाद विभाग से रिपोर्ट तलब की, शहर के प्रमुख भीड़भाड़ वाले इलाकों को वॉच कराया। महावीर चौक और शिवचौक सबसे व्यस्त क्षेत्र पाए गए है। यहां वाहनों का दबाव अधिक मिला है। जिसके चलते प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने इनकी रिपोर्ट एनजीटी को भेजी है। रिपोर्ट के बाद नेशनल एमबाइंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्रोग्राम के तहत तीन स्थानों पर स्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें महावीर चौक, शिवचौक और विभागीय कैंपस हैं।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी एके तिवारी ने बताया कि शहर में वायु की गुणवत्ता जांचने के लिए तीन स्थानों पर स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें एक विभाग भी शामिल है। इससे प्रदूषण मापने में आसानी होगी। प्रोजेक्ट भेजा जा चुका है, जल्द ही कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
24 घंटे दिखेगा वायु का स्टेटस
मुजफ्फरनगर। वाहनों से निकलने वाले धुएं और मिलों, कल-कारखानों की चिमनियां भी जहरीला धुआं उगलती हैं, जो सीधे वायु में घुल-मिलकर पर्यावरण को दूषित करते हैं। इसकी जानकारी 24 घंटे विभाग देख सकेगा।