अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। डीएम उमेश मिश्रा ने मतदेय स्थलों को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ जिला पंचायत सभागार में बैठक की। यदि एक ही गांव की एक ही बिल्डिंग में दो मतदेय स्थलों पर 500 के आसपास मतदाता हैं तो ऐसे स्थलों को मर्ज किया जा सकता है। एक मतदेय स्थल पर मतदाताओं की संख्या अधिकतम 1050 से 1100 के आसपास रखी जाएगी।
डीएम ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी लखनऊ के निर्देश पर मतदेय स्थल का विभाजन अब 1200 मतदाताओं के आधार पर किया जाएगा। मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निर्धारण और नए मतदेय स्थल स्थापित करने के लिए भवनों का चिह्नांकन किया जा चुका है। शिकायतों और सुझावों के निस्तारण के बाद सूची को अंतिम प्रकाशन 18 जुलाई तक कि जाएगा। एडीएम न्यायिक सुशील कुमार मौजूद रहे।
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इनसेट
विधानसभा मतदान केंद्र मतदेय स्थल
बुढ़ाना 173 423
चरथावल 142 376
पुरकाजी 140 357
मुजफ्फरनगर 94 355
खतौली 172 353
मीरापुर 152 361
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इस तरह बदलेगा मतदेय स्थलों का गणित
मुजफ्फरनगर। नए प्रस्ताव में 10 मतदेय स्थल कम हो जाएंगे। जिले में पहले 2235 मतदेय स्थल थे लेकिन नए प्रस्ताव में सदर सीट पर 15 और खतौली में दो कम किए गए हैं। जबकि बुढ़ाना, चरथावल में दो-दो और पुरकाजी में तीन मतदेय स्थल बढ़ाए गए हैं। ऐसे में कुल 10 मतदेय स्थल कम हुए हैं। मतदान केंद्र 873 ही रहेंगे। बुढ़ाना में एक कम हुआ है और मीरापुर में एक बढ़ा दिया गया है। ब्यूरो