मुजफ्फरनगर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने कहा कि राजनीतिक दल सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों की मांगों को अपने घोषणापत्र में शामिल करें। सरकार बनने पर समाधान कराएं। उद्यमियों से एक बड़े वर्ग का रोजगार जुड़ा है। सरकारी विभाग हर हाल में एमएसएमई सेक्टर से 30 प्रतिशत खरीद करें। नौ बिंदुओं को राजनीतिक दलों के लिए रखा गया।
प्रकाश चौक स्थित आईआईए कार्यालय पर उद्यमियों की बैठक हुई। आईआईए के स्थानीय चैप्टर के चेयरमैन विपुल भटनागर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दल अपना-अपना एजेंडा जनता के सामने रख रहे हैं। उद्यमियों की मांगों को भी घोषणापत्र में शामिल किया जाना चाहिए। देश के कुल एमएसएमई की संख्या में यूपी की भागीदारी 14.20 प्रतिशत है। देश में करोड़ों लोग सूक्ष्म उद्योगों से जुड़े हैं। ऐसे में सूक्ष्म उद्योग सक्ष्म होंगे तो प्रत्येक व्यक्ति तक रोजगार के अवसर भी रहेंगे। राजनीतिक दल यूपी चुनाव के लिए जारी किए जाने वाले घोषणापत्र में उद्यमियों के मुद्दों को शामिल कर समाधान कराएं। मनीष भाटिया, अनुज स्वरूप, कोषाध्यक्ष अरविंद मित्तल, अश्वनी खंडेलवाल, अमित गर्ग और मनीष जैन उपस्थित रहे।
उद्यमियों ने रखी यह मांगे
- यूपी के सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं स्वायत्तशासी निकायों के द्वारा कुल खरीद का 30 प्रतिशत खरीद एमएसएमई से होनी चाहिए।
- सरकारी टेंडरों में एमएसएमई के लिए किसी भी प्रकार की तकनीकी शर्तें न हो, सारी खरीद जैम पोर्टल के माध्यम से हो।
- प्रदेश के एमएसएमई की लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड किया जाए। इससे नए उद्यमियों को औद्योगिक भूखंड की उपलब्धता होगी।
- औद्योगिक परिसंपत्तियों व भवनों पर हाउस टैक्स आवासीय भवनों से कम किया जाए।
- रूफ टाप सोलर सिस्टम को प्रोत्साहन देने एवं क्लीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमएसएमई की नेट मीटरिंग की सुविधा पुन: बहाल की जाए।
- प्रदेश के त्वरित औद्योगिक विकास के लिए पूर्वांचल एवं गंगा एक्सप्रेसवे पर नए इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किए जाएं।
- पर्यावरण, विद्युत और अग्नि सुरक्षा से संबंधित आपत्तियों केक लिए थर्ड पार्टी सहायता एवं निरीक्षण की व्यवस्था लागू हो।
- मंडी शुल्क को शून्य किया जाए।
- यूपी विधान परिषद में एमएसएमई का प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
- वायु प्रदूषण को कम करने के लिए उद्योगों में पीएनजी ईंधन के रूप में उपयोग को बढ़ावा दिया जाए।