मुजफ्फरनगर। शिक्षिका रश्मि के अनुभव प्रमाणपत्र बनाने को लेकर बीएसए कार्यालय में खूब हंगामा हुआ। बुढ़ाना के पूर्व भाजपा विधायक उमेश मलिक ने कार्यालय में पहुंचकर आरोप लगाया कि जान बूझकर प्रमाणपत्र नहीं बनने दिया जा रहा है।
प्रकरण की वीडियो वायरल हो गई, जिसमें पूर्व विधायक बीएसए संदीप कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। मोरना के मान्यता प्राप्त विद्यालय न्यू आर्य पब्लिक जूनियर हाईस्कूल में शिक्षिका रश्मि 2012 से 2021 तक सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत रहीं। उन्होंने अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल प्रधानाध्यापक चयन परीक्षा 2021 में भाग लिया और उत्तीर्ण हुईं।
लखनऊ में नियुक्ति प्रक्रिया के लिए बीएसए की ओर से अनुमोदित अनुभव प्रमाणपत्र मांगा गया। शिक्षिका ने प्रमाणपत्र के लिए बीएसए कार्यालय में आवेदन किया।
खंड शिक्षा अधिकारी मोरना ने अपनी जांच में बताया कि विद्यालय की प्रबंध समिति ने रश्मि की नियुक्ति का अनुमोदन बेसिक शिक्षा विभाग से नहीं लिया था। बीएसए ने बीईओ की जांच के आधार पर आवेदन को प्रमाणित नहीं किया।
शिक्षिका ने नियुक्ति के लिए अनुभव प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कई बार एबीएसए और बीएसए कार्यालय के चक्कर काटे लेकिन कोई रास्ता नहीं मिला। इसके बाद पूर्व विधायक उमेश मलिक को जानकारी दी।
पूर्व विधायक ने बीएसए से बात की। बात नहीं बनने पर पूर्व विधायक बीएसए कार्यालय ही पहुंच गए और यहां पर गर्मागर्मी हुई।