बिजनौर सांसद चंदन चौहान अपनी पत्नी यशिका चौहान के साथ : फाइल फोटो
मुजफ्फरनगर। भले ही विधानसभा चुनाव अगले साल प्रस्तावित हो लेकिन सियासी सरगर्मियां जोर पकड़ने लगी हैं। मीरापुर विधानसभा सीट पर रालोद के बिजनाैर सांसद चंदन चौहान और विधायक मिथलेश पाल के बीच रह-रहकर सियासी टकराव दिख रहा है।
पिछले दिनों ही मोरना चीनी मिल के नए प्लांट की स्वीकृति पर श्रेय को लेकर दोनों आमने-सामने आ गए। बिजनौर के सांसद इस सीट से अपनी पत्नी और वर्तमान विधायक मिथलेश पाल अपनी बेटी के सियासी ख्वाब बुनने का काम कर रहे हैं।
परिसीमन के बाद चंदन चौहान ने पहला विधानसभा चुनाव खतौली सीट से लड़ा लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वह मीरापुर सीट पर लौटे, यहां सपा-रालोद गठबंधन में रालोद का टिकट लेने में कामयाब रहे और 2022 में विधानसभा पहुंच गए।
साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में वह बिजनौर से सांसद बन गए। मीरापुर के उपचुनाव में अपनी पत्नी यशिका चौहान के लिए टिकट की पैरवी की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। रालोद के टिकट पर यहां भाजपा में सक्रिय मिथलेश पाल को चुनाव लड़ाया गया और वह जीतकर विधानसभा पहुंच गई।
अब दोनों ही परिवार भविष्य की राजनीति के लिए अपने-अपने परिवार के सदस्य के लिए समीकरण बना रहे हैं। यही वजह है कि बार-बार टकराव की स्थिति बन जाती है।
बिजनौर सांसद चंदन चौहान अपनी पत्नी यशिका चौहान के साथ : फाइल फोटो