मुजफ्फरनगर। भौराकलां थाना क्षेत्र का मोहम्मदपुर राय सिंह गांव दंगे के सबसे प्रभावित क्षेत्र में शामिल रहा था। खेतों में काम करने के दौरान किसान पर दंगे के दौरान हमले हुए। गांव में हुई दंगे की घटनाओं में अलग-अलग 15 मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनमें 26 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। 13 साल की कानूनी लड़ाई के बाद इंसाफ हुआ।
नंगला मंदौड़ पंचायत से लौटते लोगों पर हमले के अगले दिन आठ सितंबर को गठवाला खाप के अधिकतर गांव दंगे की चपेट में आ गए थे। मोहम्मदपुर राय सिंह गांव भी इनमें शामिल रहा था। यहां से रात के समय ही अधिकतर मुस्लिम समाज के लोग पलायन कर चले गए थे।
आठ सितंबर को हमलावरों ने मुस्लिम बस्ती पर हमला किया, जिसमें रईसुद्दीन की जान चली गई थी। गांव के मुकदमों को सभी मुकदमों को एक साथ सुना गया। अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित नहीं कर सका और साक्ष्य के अभाव में आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया गया।