जानसठ के गांव भलवा में हत्याकांड को लेकर जानकारी लेते पुलिस अधिकारी। स्रोतः संवाद
जानसठ। भलवा गांव में पुलिस को विरोध का सामना भी करना पड़ा। रोहित के परिजनों ने वारदात को ऑनर किलिंग बताया। उनका कहना था कि पहले रोहित को बुलाया गया और फिर दोनों की हत्या कर दी गई। शव उठाने के दौरान पुलिस से नोकझोंक हुई। किसी तरह पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम हाउस भिजवाए।
खूनी वारदात के बाद मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सीओ जानसठ रुपाली राय मौके पर पहुंची। इसके बाद एसपी देहात आदित्य बंसल ने भी निरीक्षण किया। एसएसपी संजय वर्मा के घटनास्थल का निरीक्षण कर लौटने के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया।
असल में रोहित के परिजनों ने पुलिस से कहा कि उनके बेटे को लड़की पक्ष ने घर बुलाया था। वह घर गया तो यहां पर प्रगति और रोहित की हत्या की वारदात अंजाम दी गई। परिजनों ने पुलिस का विरोध करते हुए कहा कि शव नहीं उठाने देंगे। इसके बाद पुलिस ने काफी देर तक नोकझोंक होती रही।
इसके बाद पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। आश्वासन दिया कि पुलिस हर बिंदु पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा। इसके बाद परिजन शांत हुए और दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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फोरेंसिक टीम ने की जांच
वारदात के बाद जिला मुख्यालय से फोरेसिंक टीम भी मौके पर पहुंची और रक्त के अलावा अन्य नमूने लिए। करीब एक घंटे तक यहां पर जांच की गई है।
जानसठ के गांव भलवा में हत्याकांड को लेकर जानकारी लेते पुलिस अधिकारी। स्रोतः संवाद