- मीनाक्षी चौक सहित शहर में चेकिंग के लिए नौ प्वाइंट बनाए गए
- एसएसपी के आदेश पर नगर व जिले की सीमाओं पर हर वाहन की चेकिंग की गई
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार ने सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके बाद जनपद में पुलिस सतर्क हो गई। शहर को छह सेक्टरों में बांटा गया है। मीनाक्षी चौक सहित शहर में चेकिंग के लिए नौ प्वाइंट बनाए गए हैं। मंगलवार को खालापार पुलिस चौकी पर डीएम व एसएसपी मुस्लिम नेताओं ने वार्ता करेंंगे। उधर, एसएसपी के आदेश पर देर रात नगर व जिले की सीमाओं पर हर वाहन की चेकिंग की गई।
शहर में तीन सीओ को सुरक्षा के मद्देनजर तैनात किया गया है। जो चेकिंग प्वाइंट पर नजर रखेंगे। प्रत्येक चेकिंग प्वाइंट पर बैरिकेडिंग लगाई है। सुरक्षा के मद्देनजर एसएसपी एसएसपी अभिषेक सिंह ने आईटीबीपी व सीआरपीएफ की दो कंपनियों के साथ खालापार सहित कई क्षेत्रों में पैदल मार्च किया। सोमवार शाम सीएए का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद एसएसपी ने पैरामिलिट्री की दो कंपनियों के साथ शहर के कच्ची सडक, मीनाक्षी चौक व खालापार में पैदल मार्च किया। उनके आदेश पर एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत, एसपी अपराध प्रशांत कुमार ने भी पुलिस बल के साथ शहर में भ्रमण किया।
एसएसपी ने ने बताया कि शहर को छह सेक्टर में बांटा गया है। नौ चेकिंग प्वाइंट बनाए हैं। शहर में नाकेबंदी कर चेकिंग कराई जा रही है। पुलिस कार्यालय के कर्मचारियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है। शहर में अगले आदेशों तक तीन एसओ व तीन सीओ की ड्यूटी लगाई है। सीओ सिटी एसपी उपाध्याय, सीओ सदर राजू साव व सीओ फुगाना रवि शंकर को शहर में तैनात किया है।
20 दिसंबर 2019 को हुआ था बवाल
सीएए का विरोध जताते हुए नगर में 20 दिसंबर 2019 को बवाल हुआ था। बैंक में आगजनी की गई थी। पथराव व फायरिंग की गई थी। इस दौरान 53 संपत्तियों को नुकसान पहुुंचाया गया था। इसमें 23 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ था। इस मामले में नौ मुकदमे दर्ज करते हुए पुलिस ने 42 लोगों को गिरफ़्तार किया था। सभी मुकदमों में 258 लोगों को नामजद करने के साथ ही हजारों अज्ञात को भी आरोपी बनाया गया था।
लोगों के लिए बड़ी घोषणा करे सरकार : टिकैत
भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि प्रवासी समुदाय के लोग नागरिकता पाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। 2014 के बाद से रह रहे लोगों को आसानी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों के लिए चुनाव से पहले बड़ी घोषणा करनी चाहिए। दूध उत्पादक की स्थिति खराब है। गांव में मजदूर भी पशुपालन कर दूध बेचते हैं। पशुपालक का गुजारा कैसे होगा। 14 मार्च की दिल्ली में एकत्र होंगे।