तेल के खेल में पुलिस-प्रशासन फेल
मुजफ्फरनगर। तेल माफिया के रसूख के आगे पुलिस-प्रशासन पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। अवैध बायोडीजल पंप प्रकरण प्रत्यक्ष है, जिसमें पांच दिन बाद भी कार्रवाई शून्य है। साथ ही करीब दस माह पूर्व शहर के बीच नाले में बहाए गए तेल से लगी भीषण आग का मामला भी अनसुलझा रह गया है। दो-दो जांच के बाद भी तेल बहाने के स्त्रोत का खुलासा करने में मिली नाकामी के बाद मामले में एफआर लगा दी गई है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में सरकुलर रोड पर मेसर्स रघुवीर सरन प्रेमकीर्ति सरन का तेल गोदाम है। इस गोदाम के आगे बने नाले में 16 सितंबर 2019 को हजारों लीटर केरोसिन बहने लगा, जिसमें आग लग गई। नाले में उठी आग की लपटों से खादी आश्रम, श्रीसाईं कॉरपोरेशन व माहेश्वरी ऑयल के साथ ही नेशनल मोटर्स पर भारी नुकसान हुआ। आग में एक मर्सिडीज व दो दुपहिया जलकर पूरी तरह से नष्ट हो गए, जबकि पास स्थित पेट्रोल पंप आग की चपेट में आने से बच गया था। पालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक संजय कुमार ने अज्ञात के खिलाफ इस मामले में सिविल लाइन थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। डीएम ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराई थी, जिसमें जांच टीम ने रघुवीर सरन के गोदाम खुलवाकर स्टॉक चेक करते हुए उसमें मौजूद तेल के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे। मजिस्ट्रेट जांच में गोदाम में मौजूद तेल स्टॉक रजिस्टर में अंकित रिकॉर्ड के अनुसार पाया गया था। वहीं, थाना पुलिस ने भी जांच करते हुए गोदाम कर्मचारियों व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। दो-दो जांच के बावजूद पुलिस-प्रशासन यह साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा कि आखिर हजारों लीटर केरोसिन नाले में कहां से और किसके द्वारा बहाया गया, जबकि गोदाम से अतिरिक्त घटनास्थल के आसपास तेल का कोई और स्त्रोत ही नहीं है। 13 जून 2020 को इस मामले में थाना पुलिस द्वारा एफआर लगाकर मामले को बंद कर दिया गया है।
गोदाम मालिक ने ली थी अग्रिम जमानत
मुजफ्फरनगर। नाले में बहाए गए तेल से लगी आग के मामले में गोदाम मालिक प्रमोद कुमार ने पुलिस-प्रशासन के समक्ष आने से भी गुरेज किया था, जिसके चलते पूरी जांच उसके बयानों के बगैर ही हुई। जांच के दौरान ही दिसंबर-19 में गोदाम मालिक प्रमोद कुमार ने अग्रिम जमानत भी ले ली थी।
मेरठ में नकली तेल के भंडाफोड़ के बाद हुई थी घटना
मुजफ्फरनगर। सरकुलर रोड पर नाले में तेल बहाने की इस घटना से एक माह पूर्व मेरठ पुलिस ने नकली तेल के काले धंधे का भंडाफोड़ किया था। उस समय मेरठ के कई पेट्रोल पंपों पर नकली डीजल की सप्लाई पकड़ी गई थी, जिसे केरोसिन से तैयार किया जा रहा था। इस मामले से मेरठ के साथ ही मुजफ्फरनगर में भी हड़कंप मच गया था, जिसके बाद 16 सितंबर को सरकुलर रोड पर नाले में हजारों लीटर केरोसिन बहा दिए जाने की घटना सामने आई थी।
इन्होंने कहा .......
सीओ सिटी हरीश भदौरिया का कहना है कि नाले में बह रहे तेल से आग लगने के मामले में अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया था। विभागीय जांच में यह पता नहीं चल पाया है कि आखिर नाले में तेल कहां से बहाया गया। इसके चलते इस मामले में एफआर लगा दी गई है।