सिखेड़ा में पैदल प्रवासी श्रमिक आराम करते हुए।
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पुलिस पर श्रमिकों से साइकिल छिनने का आरोप
जानसठ (मुजफ्फरनगर) सहारनपुर पुलिस ने बिहार के प्रवासी श्रमिकों की साइकिल छीन ली। आरोप है कि पुलिस ने इन श्रमिकों को एक ट्रक में जबरन बैठाकर चलता कर दिया। चालक ने भी दस किलोमीटर पहुंचने पर श्रमिकों को ट्रक से नीचे उतार दिया। भूखे प्यास श्रमिक कस्बे में पहुंचे, जहां पर इन श्रमिकों ने लोगों से उनको घर भिजवाने की गुहार लगाई। फिलहाल पुलिस ने इन श्रमिकों को कवाल के कालेज में क्वारंटीन करा दिया है।
बिहार के पुनिया निवासी चार प्रवासी श्रमिक बाबूलाल कुशवाह, विपिन यादव, अशोक व अरुण लुधियाना में मजदूरी करते थे। रविवार शाम को भूखे प्यासे पैदल ही चलते हुए कस्बे में पहुंचे। कस्बे की आदर्श कॉलोनी के बाहर ये श्रमिक कालोनी के लोगों से गुहार लगाने लगे कि उनको किसी तरह से उनके घर भेजवा दिया जाए। इन श्रमिकों ने बताया कि वे साइकिल पर अपने घर के लिए निकले थे। सहारनपुर में पहुंचने पर पुलिस उनको रोक करके नागल इंटर कॉलेज में ले गई। श्रमिकों ने रोते बिलखते हुए बताया कि पुलिस ने उन चारों की साइकिल छीन ली। इसके बाद पुलिस ने उनको एक ट्रक में बैठा दिया और कहा कि चालक उनको बिहार तक छोड़ देगा। करीब दस किलोमीटर चलने पर चालक ने ट्रक से उनको नीचे उतार दिया था। श्रमिक पैदल चलते हुए कस्बे की आदर्श कालोनी के बाहर पहुंचे और लोगों से घर भिजवाने की गुहार लगाई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस इन चारों प्रवासी श्रमिकों को लेकर गांव कवाल के राजकीय महिला इंटर कालेज में पहुंची। पुलिस ने इन चारों श्रमिकों को कालेज में क्वारंटीन करा दिया है। उधर, छत्तीसगढ़ से मुजफ्फरनगर पहुंचे साइकिल सवार श्रमिक सिखेड़ा में पहुंचे। गांव निरगाजनी निवासी योगेंद्र कुमार व बेलड़ा निवासी सतीश व सोनू को पुलिस ने आईडी चेक करके उनको घर भेज दिया।