मुजफ्फरनगर। जनपद की हवा में प्रदूषण का जहर घुल रहा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक में मामूली गिरावट आई फिर भी एक्यूआई 292 दर्ज किया गया। इन हालात में लोगों को सांस लेना मुश्किल हो रहा है। सांस और अस्थमा रोगियों के लिए भी दिक्कत बरकरार है। बढ़ते वायु प्रदूषण से दिल के रोगियों की मुश्किल भी बढ़ने की आशंका है।
गुड़ कोल्हुओं में प्रतिबंधित ईंधन जलाए जाने और बहुत से उद्योगों में वायु प्रदूषण निवारक उपकरण न लगाए जाने से हालात खराब हो रहे हैं। ग्रेप-3 की पाबंदियां लागू होने के बावजूद उनका पालन सख्ती से नहीं कराया जा रहा।
नतीजतन वायु प्रदूषण का ग्राफ खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। सोमवार को एक्यूआई 300 से कम रहा लेकिन लोगों की दिक्कत कम नहीं हुई।
वायु प्रदूषण पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में विभाग
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ.गीतेश चंद्रा का कहना है कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्माण स्थलों और औद्योगिक क्षेत्रों में पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग वायु प्रदूषण करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।