फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लक्ष्य तो हासिल कर लिया पर लावारिस छोड़ दिए पौधे

विज्ञापन
भोपा के गांव नगला बुजुर्ग में खली पडा मैदान यहां लगाये गये थे पौधे । - फोटो : MUZAFFARNAGAR
विज्ञापन
लक्ष्य तो हासिल कर लिया पर लावारिस छोड़ दिए पौधे
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। अगस्त माह में 16.87 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य को तो जिले ने हासिल कर लिया था लेकिन इन पौधों की परवरिश पर ध्यान नहीं दिया गया। नतीजतन 40 प्रतिशत से भी ज्यादा पौधे सूख गए हैं या गायब हो चुके हैं। जानसठ रेंज में ट्री गार्ड से घिरे अधिकांश पौधे भी मर गए। अब मौके पर केवल ट्री गार्ड खड़े हैं। जिले के अन्य स्थानों पर भी हालात ऐसे ही हैं।
वन विभाग समेत जिले के अन्य कई विभागों ने अगस्त में पौधरोपण अभियान चलाया था। इसके तहत 16 लाख 87 हजार 400 पौधे लगाए गए थे। इनकी परवरिश की जिम्मेदारी भी विभिन्न विभागों ने ली थी। चार माह बाद अमर उजाला ने इन पौधों की पड़ताल की तो अधिकांश सूखे मिले जबकि कुछ तो अपने स्थान से गायब थे। लगभग 40 प्रतिशत यानि साढ़े छह लाख से ज्यादा पौधे सूख गए हैं या उखाड़ दिए गए हैं। नगर के रामलीला टिल्ला पर तो डीएम के पौधरोपण करने के दो दिन बाद ही पौधे गायब हो गए थे। जानसठ रेंज में मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे के किनारे तथा हैदरपुर वेटलैंड से कासमपुर खोला जाने वाले मार्ग पर हजारों पौधे लगाए गए थे। इनकी सुरक्षा को ट्री गार्ड भी लगाए गए, लेकिन अधिकांश पौधे मर गए। पुरकाजी में गोशाला परिसर में लगाए अधिकांश पौधे सूख चुके हैं। गंग नहर के किनारे एवं गोधना में भी हजारों की तादात में पौधे लगे लेकिन कोई फल-फूल नहीं पाया।
विज्ञापन

शाहपुर क्षेत्र में मंसूरपुर रोड, मुजफ्फरनगर रोड एवं धनायन रोड पर बड़ी संख्या में पौधे लगे थे। अब आधे ही बचे हैं। बुढ़ाना क्षेत्र के गांव अटाली में करीब छह एकड़ भूमि में 6600, लोई नहर के पास पांच एकड़ भूमि में तकरीबन 5500 पौधे लगाए गए थे। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पौधे सुरक्षित हैं। छपार में किसान सहकारी समिति में 100 पौधे लगाए गए थे। इनमें से आधे सूख गए हैं। ब्लॉक परिसर में भी 300 पौधे लगे लेकिन अब मौके पर लगभग 60 प्रतिशत ही बचे हैं। उधर, तितावी क्षेत्र के गांव जलालपुर के श्मशान घाट में लगाए गए 200 पौधों में से अब एक भी मौजूद नहीं।
मैदान में बच्चे खेलते हैं क्रिकेट
भोपा। भोपा के नगला बुजुर्ग में नहर के पास सिंचाई विभाग की खाली पड़ी सैकड़ों बीघा भूमि में अगस्त माह में खतौली विधायक व सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने सैकड़ों पौधे लगाए थे। अब यहां चंद पौधे ही बचे हैं। पूरा मैदान साफ हो गया है। आसपास के गांवों के बच्चे यहां पर क्रिकेट खेलते हैं।
बच्चा पार्क से गायब हो गए पौधे
खतौली। अगस्त माह में नगर पालिका के बच्चा पार्क में करीब 150 पौधे लगाए गए थे। अगली रात में ही चोर इन पौधों को उखाड़कर ले गए थे। नगर पालिका की ओर से तहरीर दी थी। इनके स्थान पर दोबारा पौधे नहीं लगाए गए। विभाग ने गांव तिसंग में 5500, गंग नहर कांवड़ पटरी मार्ग पर 16500, आवास विकास कॉलोनी में 500, रतनपुरी के गांव चमौली की गोशाला में 120 पौधे लगाए गए थे। वन रक्षक नंदकिशोर और दीपक का कहना है कि सभी पौधे सुरक्षित हैं। जो सूख गए थे, उनके स्थान पर नए पौधे लगा दिए गए हैं।
2020 में लगाए जाएंगे 23 लाख पौधे
मुजफ्फरनगर। वन विभाग को अगले वर्ष के लिए 23 लाख छह हजार 768 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वन अधिकारियों का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में जनपद में 100 हेक्टेयर वन क्षेत्र बढ़ा है। आगामी वर्ष में वन क्षेत्र में और बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन

जो पौधे सूख जाते हैं, उनके स्थान पर नए पौधे लगा दिए जाते हैं। सर्दी के मौसम में जो पौधे सूखेंगे उनकी जगह फरवरी में नए पौधे लगाए जाएंगे। विभाग की ओर से लगाए गए लगभग 90 प्रतिशत पौधे सुरक्षित हैं। पौधों की स्थिति का सर्वे कराया जा रहा है - सूरज, डीएफओ, मुजफ्फरनगर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें