बिहारगढ में पीर खुशहाल के परिजनों आवास खाली करते।
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पीर खुशहाल के परिवार ने आवास खाली करना शुरू किया
मोरना/मुजफ्फरनगर। बिहारगढ़ में वन विभाग की जमीन खाली कराने को लेकर चिल्लागाह पर चली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के चलते पीर खुशहाल के परिवार ने आवास खाली करना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को आवास खाली करने के बाद चार कमरों की चाबी डीएफओ को सौंप दी गई। केवल दो कमरों में सामान बचा है। उसे भी तेजी के साथ खाली किया जा रहा है।
बिहारगढ़ में वर्ष 1975 में बाहर से आए एक अनजान व्यक्ति पीर खुशहाल को वन विभाग की 6.52 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई थी। तीस साल की लीज पर दी गई इस जमीन का समय वर्ष 2005 में पूरा हो गया। इसके बाद भी जमीन खाली नहीं की गई, बल्कि वन विभाग की जमीन पर अवैध निर्माण करा दिया गया। लीज आगे बढ़ाने के लिए पीर खुशहाल के परिवार ने कोर्ट की शरण ली। हालांकि परिवार को कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। वर्ष 2017 में पीर खुशहाल की मौत भी हो गई।
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान के द्वारा डीएम को वन विभाग की जमीन खाली कराने को लिखे पत्र के बाद प्रशासन हरकत में आया। वन विभाग ने जमीन खाली कराने को पीर खुशहाल के परिवार को नोटिस जारी किया। नोटिस के बाद भी जब जमीन खाली नहीं की गई, तो प्रशासन ने गत सप्ताह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। प्रशासन ने चिल्लागाह पर बने 50 कमरे ध्वस्त कर दिए हैं। बृहस्पतिवार को पीर खुशहाल के परिवार ने आवास खाली करना शुरू कर दिया है। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि खुशहाल परिवार ने छह कमरों में से चार की चाबी डीएफओ सूरज कुमार को सौंप दी है। शुक्रवार की शाम तक वन विभाग की इस जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त करा दिया जाएगा। चिल्लागाह परडीएफओ सूरज कुमार, वन विभाग के अन्य अधिकारियों और पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
प्रशासन ने बिजली कनेक्शन भी काटा
मोरना। बिहारगढ़ में चिल्लागाह में विद्युत आपूर्ति को बंद कर दिया गया है। प्रशासन के निर्देश पर विद्युत निगम ने कनेक्शन भी काट दिया है। ऐसा करके प्रशासन ने खुशहाल के परिवार को संदेश दे दिया कि अब किसी भी तरह की छूट नहीं मिलेगी।