मतदान में डेढ़ लाख से अधिक लोगों ने बिना वोटर स्लिप और पहचान-पत्र के वोट किया है। इन वोटरों ने वैकल्पिक स्रोतों के माध्यम से वोट डाले। मीरापुर विधानसभा में सबसे अधिक वोटरों ने बिना वोटर स्लिप के वोट डाले हैं। इनमें पेंशन, ड्राइविंग लाइसेंस के साथ अन्य दस्तावेजों के जरिये मतदान किया।
11 फरवरी को हुए मतदान में इस बार वोटरों ने उम्मीदवारों पर वोटों की बारिश की है। चुनाव आयोग ने वोटरों को राहत देने के लिए इस साल एक पेज पर दो ही वोट स्लिप रखी हैं। जिस पर वोटर की संपूर्ण डिटेल दी गई। वोटर पर्ची को चुनाव आयोग ने बीएलओ को घर-घर पहुंचाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए जिले की सभी विधानसभाओं में वोटर स्लिप पहुंचाई गई। लेकिन मतदान के दिन हजारों की तादात में वोटर निकले जिनके पास न तो वोटर स्लिप मिली और न ही पहचान-पत्र मिल सके।
बावजूद, यह वोट डालने से महरूम नहीं रहे। क्योंकि आयोग ने वोटर स्लिप, पहचान-पत्र, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस के साथ 12 प्रकार के दस्तावेजों से वोट डालने की छूट दी थी। जिसके चलते जनपद में डेढ़ लाख से अधिक वोटरों ने बिना पहचान-पत्र, वोटर स्लिप, आधार कार्ड के अलावा वोट किया है। मीरापुर विधानसभा में 44,980 मतदाताओं ने अन्य दस्तावेजों के जरिये मतदान में भाग लिया। जबकि छह सीटों पर 1,57,823 वोटरों ने विभिन्न वैकल्पिक माध्यमों से वोट किया।
विधानसभा वार आंकड़े
मुजफ्फरनगर----16994
बुढ़ाना---------24072
चरथावल-------17995
पुरकाजी--------30273
खतौली---------23509
मीरापुर---------44980