घर में दो माह का राशन एकत्र करने में जुटे लोग
मुजफ्फरनगर। देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना केस और जून माह में बीमारी के पीक पर होने की चर्चाओं के बीच लोग दो माह का राशन एकत्र करने में लग गए हैं। बाजार में दो दिन से राशन की दुकानों पर भीड़ बढ़ रही है। आटा-चावल, दाल, आलू और प्याज पर लोग ज्यादा फोकस कर रहे हैं।
कोरोना महामारी के चलते देश में लगातार लॉकडाउन चल रहा है। अब 17 मई तक लॉकडाउन है। देश में जिस तरह कोरोना का असर बढ़ रहा है, इससे हर कोई सहमा है। लोग अपने घरों में टीवी पर चिपके हैं। यह जानने के प्रयास में लगे हैं कि बीमारी से कैसे बचे। फिलहाल किसी को भी उपाय नहीं सूझ रहा है। जून माह में कोरोना के पीक पर पहुंचने की आशंकाओं के बीच लोग डरे हैं। अधिकतर लोग अगले दो माह का राशन घर में एकत्र करने में जुटे हैं। लोग यह मानकर चल रहे हैं कि संक्रमण फैलने पर घर से बाहर नहीं निकलना ही बेहतर होगा। घर में आवश्यक खाद्य सामग्री आटा-चावल, दाल, आलू-प्याज, चाय-चीनी और दूध का इंतजाम रहना चाहिए। आजकल दूध के पाउडर की बिक्री बढ़ गई है। यही कारण है बीते दो दिनों से बाजार में राशन की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ है। शहर की दाल मंडी, गली-मौहल्ले की परचून की दुकानों पर सुबह छह से नौ बजे तक भीड़ है। केशवपुरी के संदीप ने बताया कि अभी तक तो शहर की स्थिति ठीक है। यदि संक्रमण फैला तो राशन खरीदना तक मुश्किल हो जाएगा। हर किसी को इसी बात की चिंता है। दुकानदार संजय कुमार का कहना है कि पहली बार दूध के सूखे पाउडर की डिमांड बढ़ी है।