भौराकलां गांव में ईख की पत्ती पर लगी सूंडी
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चोटी बेधक बन गई गन्ने की फसल के लिए खतरा
मुजफ्फरनगर। गन्ने की फसल के लिए चोटी बेधक बीमारी खतरा बन गई है। सूंड़ी पत्ती की निचली सतह पर नजर आ रही है और फसल को नुकसान पहुंचा रही है। खतौली चीनी मिल के अधिकारियों ने 10 गांव का दौरा कर किसानों को जागरूक किया। अधिकारियों ने बीमारी से ग्रस्त पत्तियों को खेतों निकालकर जलाने की सलाह दी।
त्रिवेणी चीनी मिल खतौली इकाई प्रमुख डॉ. अशोक कुमार और महाप्रबंधक गन्ना कुलदीप राठी ने सिसौली जोन की टीम के साथ खेतों का दौरा किया। खरड़, भौराकलां, गढ़ी नौआबाद, सिसौली, मुंडभर और भौरा खुर्द के खेतों में पहुंचकर किसानों के खेतों का निरीक्षण किया। सिसौली जोन के इंचार्ज विनोद मलिक ने बताया कि चोटी बेधक कीट के अंडे पत्तियों की निचली सतह पर दिखाई दे रहे हैं। रोगग्रस्त पत्तियों को किसान तोड़कर तुरंत नष्ट कर दें, ताकि बीमारी को बढ़ने से रोका जा सके। नियंत्रण के लिए पौधा गन्ने के खेत में पांच टंकी प्रति बीघा 150 मिली कोराजन का घोल बनाकर गन्ने के तने को तर करते हुए छिड़काव करें। पेड़ी फसल में फरटेरा का प्रयोग करें।
डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि कीट नियंत्रण के लिए दवाई का समय, सही मात्रा और सही तरीका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
इनसेट
खेत से गन्ना खत्म होने तक चलेगी मिल
मिल के वीसी डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि किसान के खेत में गन्ना रहने तक मिल चलेगी। किसान एडवांस तोल के चक्कर में न पड़ें और धैर्य रखें।