नुमाइश में अफसरों ने ठेकेदारों को लूट की छूट दे दी है। शहर की जनता से पार्किंग के नाम पर मनमर्जी के पैसे वसूले जा रहे हैं। दुपहिया वाहनों से 30 और चौपहिया वाहनों से 70 रुपयों की वसूली हो रही है। ठेकेदारों ने विकास भवन से लेकर कंपनी बाग तक दोनों तरफ पार्किंग बना दी है। निजी घरों, पालिका और पीडब्लूडी की जमीन पर भी पार्किंग का पैसा लिया जा रहा है।
जिला कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी में इस बार ठेकेदारों की बल्ले-बल्ले हो रही है। ठेकेदार दुकान की जगह से लेकर पार्किंग तक में मनमर्जी पैसा वसूल रहे हैं। जिला प्रशासन ने यह तय ही नहीं किया है कि वह कितनी वसूली कर सकते हैं। शहर और जिले भर के लोग नुमाइश में अपने दुपहिया और चौपहिया वाहनों से आते हैं।
एक से लेकर तीन घंटे तक नुमाइश देखने में लगाते हैं। इस बीच पार्किंग का उनसे दुपहिया वाहन का 30 रुपये और चौपहिया वाहन का 70 रुपया वसूला जा रहा है। ठेकेदारों के पास इतनी बड़ी फौज है कि कोई उनके सामने बोल नहीं सकता है।
सरकारी सिस्टम की लापरवाही के चलते ठेकेदारों की सबसे बड़ी अराजकता यह है कि उन्होंने विकास भवन से लेकर कंपनी बाग तक की सड़क की दोनों तरफ की जमीन को पार्किंग में तब्दील कर दिया है। हजारों वाहन यहां प्रतिदिन पार्किंग में लगते है। इसमें निजी घरों के सामने भी पार्किंग बना दी गई है। जनता की प्रतिदिन होने वाली लूट पर अफसर मौन हैं।
तय रेट लेने का अधिकार: सिटी मजिस्ट्रेट
मुजफ्फरनगर। प्रदर्शनी प्रभारी एवं सिटी मजिस्ट्रेट अमित सिंह का कहना है कि नुमाइश में ठेकेदारों को तीन जगह पार्किंग की अनुमति है। इनमें विकास भवन के सामने, कंपनी बाग के सामने और स्टेडियम के पास।
इसके साथ ही रेट भी तय हैं। साइकिल के दस रुपये, दुपहिया वाहन के बीस और चौपहिया वाहन के 50 रुपये ही ले सकेंगे। पार्किंग के बाहर सब जगह अब रेट की फ्लैक्सी लगवाई जाएगी। अधिक पैसा मांगने पर उनसे शिकायत की जा सकती है।