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ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों के परिजनों पर बढ़ा वर्कलोड़

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ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों से ज्यादा अभिभावक परेशान
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मुजफ्फरनगर/चरथावल। कोरोना के बढ़ते संक्रमण में ऑनलाइन पढ़ाई मम्मी-पापा की मुसीबत बन गई है। घर में रहकर बच्चों के स्कूल होमवर्क का भार से महिलाओं की दिनचर्या बिगड़ गई है। ग्रामीण अंचल में कमजोर नेटवर्कं ऑनलाइन पढ़ाई को प्रभावित कर रहा है। निजी स्कूलों में भारी भरकम कोर्स देने और फीस वसूलने के लिए बच्चों के अभिभावकों पर दबाव है। कोरोना के दूसरे दौर में अभिभावकों से की गई बातचीत।
मम्मी-पापा की बढ़ी जिम्मेदारी
शहर के हनुमानपुरी निवासी नितिन अग्रवाल की बेटी आराध्या होली एंजिल्स में कक्षा चार में पढ़ती है। ओजस्वी ने एलकेजी में प्रवेश लिया है। ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों की मम्मी प्रियंका की जिम्मेदारी बढ़ गई है। स्कूल समय में बच्चों को लैपटॉप लेकर खुद सामने बैठना पड़ता है। उनका कहना है घरेलू कामकाज काफी प्रभावित हो गए हैं।
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होमवर्क का लोड बन रही मां की मुसीबत
कानूनगोयान बस स्टैंड निवासी तरुण त्यागी का बेटा अथर्व पब्लिक स्कूल में पढ़ता है। अवनीश प्ले में है। बच्चों को होमवर्क के भार से उसकी मां मीनाक्षी के सामने मुसीबतें पैदा कर दी है। तरुण ने बताया कि बच्चे पढ़ाई से ज्यादा घर पर रहकर इनडोर गेम कैरम, लूड़ो आदि खेलने की जिद्द करते रहते हैं। पूरे दिन घर रहकर और बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई से मम्मी समय की बचत नहीं कर पाती हैं।
बच्चों में हो रही व्यावहारिक ज्ञान की कमी
जय हिंद इंटर कॉलेज में लिपिक अमित कुमार का बेटा अनुभव और बिटिया नंदिनी को ऑनलाइन पढ़ाई करते हुए साल भर से ज्यादा हो गया। बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान में कमी आई है। साथ ही कक्षा के मुकाबले मोबाइल पर कुछ समय के लिए वह पढ़ाई करते हैं, लेकिन उनमें आत्मबल की कमी होती जा रही है। नेटवर्किंग की समस्या से रोजाना दिक्कतें झेलनी पड़ती है।
परिजनों पर दबाब है ऑनलाइन पढ़ाई
कुटेसरा के शकील त्यागी कहते हैं कि घर में रहकर सुरक्षित रहना वक्त की जरूरत है। घर में वर्चुअल अथवा व्हाट्सएप पर बच्चों को काम देना उनकी मम्मी-पापा की मुसीबत बढ़ा रहा है। चूंकि छोटे बच्चों को ऑनलाइन कुछ समझ नहीं आता है। उनके बच्चे हफजा, जैंनब, आरजू, हमजा किरण पब्लिक स्कूल में पढ़ते है। मोबाइल की दिक्कत और नेटवर्क नहीं आना भी पढ़ाई में बाधा बना रहता है।
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फीस के लिए निजी स्कूल बना रहे बहाने
सीएचसी चरथावल में डाटा एंट्री ऑपरेटर ललित कुमार बताते हैं कि बिटिया वाची को स्कूल से कोर्स दे दिया गया है। अब नए सत्र की फीस वसूलने का दबाव बनाया जा रहा है। बच्चों की मां नीलम पर पढ़ाने की जिम्मेदारी बढ़ गई है। ऑनलाइन शिक्षा के समय घर का जरूरी काम छोड़कर बिटिया के साथ लगना पड़ता है। नगलां के आसिफ कहते हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई के लिए नए कक्षा के कोर्स की लॉगिन और पासवर्ड के लिए एसएमएस भेजकर बुलाया जा रहा है, ताकि उन पर फीस और भारी भरकम कोर्स थमा दिया जाए।
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