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चरथावल के जंगल में पीपीई किट मिलने से दशहत

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घिस्सुखेड़ा-दहचंद के जंगल में मिली इस्तेमाल की गई पीपीई किट - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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चरथावल के जंगल में पीपीई किट मिलने से दहशत
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मुजफ्फरनगर/ चरथावल। रोहाना के बाद अब चरथावल थाना क्षेत्र के घिस्सुखेड़ा-दहचंद के जंगल में इस्तेमाल की गई पीपीई किट मिलने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। बाद में सभी किट को नष्ट करने के लिए जमीन में दबवा दिया गया।
कोरोना संक्रमण की रफ्तार करीब थम जाने बाद अब जंगलों में पीपीई किट मिल रही है। ये इस्तेमाल की हुई है। सोमवार को शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव रोहाना कलां निवासी सतीश त्यागी खेत में सैकड़ों इस्तेेमाल की गई पीपीई किट मिली थी, जिससे ग्रामीण दहशत में आ गए थे। इतनी बड़ी संख्या में पीपीई किट की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया था कि पीपीई किट सहारनपुर के गांव रणखंडी के जंगल में मिली हैं।
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बुधवार को चरथावल क्षेत्र में फिर से पीपीई किट मिलने से सनसनी फैल गई। बुधवार सुबह किसान खेतों में गए, तो घिस्सुखेड़ा-कुटेसरा नहर के समीप दहचंद के जंगल में करीब तीन दर्जन इस्तेमाल की गई पीपीई किट पड़ी मिली। ग्रामीणों ने इस संबंध में स्थानीय भाकियू नेताओं को जानकारी दी। भाकियू नेताओं ने कुटेसरा चौकी प्रभारी ओमेंद्र सिंह और प्रभारी निरीक्षक को सूचना दी। पुलिस ने सीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश कुमार को अवगत कराया। डॉ. सतीश ने टीम को मौके पर भेज कर पीपीई किट को नष्ट कराने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीपीई किट को जमीन में दबवा दिया है। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि रोहाना क्षेत्र के समीप रणखंड़ी के जंगल में दो दिन पहले सोमवार को बड़ी तादात में इस्तेमाल की गई पीपीई किट मिली थी। इसके बाद दहचंद के जंगल में किट मिलने की वजह समझ से बाहर है। उन्होंने कहा कि निजी हॉस्पिटल वाले ऐसा कर सकते हैं। जांच कराई जा रही है।
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जांच कमेटी बनाई जाएगी :सीएमओ
मुजफ्फरनगर। सीएमओ डॉ. एमएस फौजदार ने बताया कि सभी हॉस्पिटल में बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट है, फिर भी पीपीई किट मिल रही है, जिसकी जांच जरूरी है। इसके लिए एसीएमओ के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई जाएगी। साथ ही इस संबंध में सभी नर्सिंग होम को भी पत्र भेजा जाएगा।
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