मुजफ्फरनगर में डीएम निखिल चन्द्र शुक्ला और एसएसपी केबी सिंह ने सदर एवं पुरकाजी ब्लॉक के प्रत्याशियों की बैठक लेकर उन्हें चुनाव आचार संहिता की जानकारी दी। साथ ही कहा कि किसी को भी मतदान करने से रोकने या धमकाने पर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
सदर तहसील के सभागार में हुई बैठक में अधिकारियों ने कहा कि शराब सप्लाई करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होगी। डीएम ने कहा कि ग्राम प्रधान के लिए व्यय धनराशि 75 हजार और ग्राम पंचायत सदस्य हेतु 10 हजार रुपये निर्धारित है। इससे अधिक व्यय होने पर निर्वाचन आयोग कठोर संज्ञान लेगा।
सभी बूथों पर पैरामिलिट्री फोर्स तैनात रहेगी। यदि कोई प्रत्याशी बिना अनुमति के जन सभा करता पाया जाएगा, तो उसके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई होगी। दबंगों ने यदि बूथों पर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया तो सीधे जेल भेजेंगे। जिले में धारा 144 लागू है, यदि कोई भी व्यक्ति शस्त्र का प्रदर्शन करता है या अवैध रूप से हथियार लेकर रोड पर आता है तो तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। इस बार चुनाव में एजेंटों पर विशेष नजर रहेगी। एडीएम प्रशासन मनोज कुमार सिंह, एसडीएम सदर उज्ज्वल कुमार, तहसीलदार रजनीकांत आदि अधिकारी थे।
जोन में बांटा
मुजफ्फरनगर। प्रशासन ने ग्राम पंचायत चुनाव को शांति पूर्वक संपन्न कराने के लिए जिले को 16 सुपर जोन में बांटा है। सोलह सुपर जोनल के अलावा 56 जोनल और 245 सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। डीएम निखिल चंद्र शुक्ला ने सोमवार को जिला पंचायत के सभागार में सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की बैठक ली।
डीएम ने कहा कि पहने चरण में 28 नवंबर को मतदान के दिन अपने विवेक से फोर्स का समय रहते सदुपयोग करें तथा अभी से ही दबंग व आपराधिक तत्वों पर शिकंजा कसना शुरू कर दें ताकि मतदाता इच्छानुसार मतदान कर सकें। उन्होंने कहा कि चुनाव में सेक्टर मजिस्ट्रेट की अहम भूमिका होती है अपने जोनल मजिस्ट्रेट से सलाह भी लेते रहें।
सेक्टर मजिस्ट्रेट का दायित्व है कि निष्पक्ष होकर स्वतंत्र रूप से निर्वाचन संपन्न कराएं। मतदान स्थलों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वाले को पकड़कर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही किसी घटना का कारण बनती है तो संबंधित को नहीं बख्शेंगे।