जानसठ। ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में अब स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को उनके मकानों और संपत्ति का प्रमाणपत्र मिलेगा। तहसीलदार ने इस योजना का क्रियांवयन करने के लिए राजस्व विभाग सहित ग्राम पंचायत के कर्मचारियों की बैठक में दिशा निर्देश दिए और सीमाओं का चिह्नीकरण करने को टीम भी गठित कर दी है।
तहसीलदार अमित कुमार ने बताया कि भारत सरकार पंचायतीराज मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा संचालित नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर उनके स्वामित्व संबंधी अभिलेख तैयार करने हेतु स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन किए जाने के लिए प्रदेश सरकार को आदेश दिए गए थे। प्रदेश सरकार के उप भूमि व्यवस्था आयुक्त एवं सचिन भीष्म लाल वर्मा ने समस्त जनपदों के जिलाधिकारियों को आदेश भेजे गए। डीएम के आदेश पर जानसठ तहसील क्षेत्र में भी स्वामित्व योजना का क्रियान्वयन के आदेश जारी किए गए हैं।
तहसीलदार ने बताया कि मंगलवार को इस योजना का क्रियान्वयन करने के लिए राजस्व विभाग सहित ग्राम पंचायत कर्मचारियों की बैठक ली गई, जिसमें उनको आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए, इसके लिए टीमों का भी गठन किया गया। टीमें ग्राम आबादी में व्यक्तिगत संपत्तियों, सरकारी संपत्ति, ग्राम सभा भूमि पार्सल, सड़कें, खुले भूखंड आदि की पहचान और सर्वेक्षण करते हुए सीमाओं का चिह्नीकरण करेगी। ग्रामीण आबादी में जिसका मकान व संपति होगी, उसका चिह्नीकरण करने के बाद उस स्वामी को प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
टीमों के साथ पुलिस बल भी रहेगा
तहसीलदार ने बताया कि टीमों के साथ ग्रामीण आबादी में संपत्ति का सर्वेक्षण करने तथा चिह्नीकरण करने के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौजूद रहेगा। चिह्नीकरण करते हुए चूना लाइन करने पर जो भी विरोध करेगा, उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विवादित संपत्तियों को दोहरी चूना लाइन द्वारा दर्शाया जाएगा।
परिषद के पोर्टल पर फीड होगा
संपत्ति पर चूना लाइनिंग के समय ही प्रारुप-05 पर भी सूचनाएं एकत्रित की जाएगी तथा इन सूचनाओं को परिषद के पोर्टल पर साथ साथ फीड भी कराया जाएगा। यदि संपत्ति के सत्यापन में सीमाओं में कोई भिन्नता पाई जाती है, तो उसका अंकन प्रारूप-04 में दर्ज किया जाएगा।