पालिका के कूडे़ से बनेगी जैविक खाद
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका के कूडे़ से अब जैविक खाद बनेगा। यह खाद किसानों को सस्ते दामों में बेचा जाएगा। डेढ़ माह में यह प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। पालिका ने गाजियाबाद की कंपनी रोल्ज इंडिया लिमिटेड को इसकी जिम्मेदारी दी है। उदयपुर के बाद यह देश की दूसरी ऐसी नगर पालिका होगी जिसमें कूडे़ से खाद बनाया जाएगा।
शहर को स्वच्छ रखने और कूड़े निस्तारण के लिए नगर पालिका ने कूड़ेे से खाद बनाने की योजना को स्वीकृति दे दी है। नगर पालिका के पास एटूजेड प्लांट में 84 बीघा जमीन है। इसी स्थान पर शहर का एकत्र कूड़ा गिरता है। यहां कूडे़ के पहाड़ तैयार हो गए हैं। कूड़ा निस्तारण के लिए लगाई गई मशीन भी यहां कूडे़ में ढक गई थी। आस-पास के लोग यहां दुर्गंध से परेशान हैं। कूड़ा निस्तारण नहीं होने से स्वच्छता अभियान में पालिका की रेंकिंग भी नीचे आ रही थी।
पालिका ने कूड़े से जैविक खाद बनाने की जिम्मेदारी गाजियाबाद की कंपनी रोल्ज इंडिया लिमिटेड को दी है। यह कंपनी पालिका की खाद बनाने की मशीन को 39 लाख 50 हजार में लगाएगी। अपनी ओर से कूड़े से पत्थर और ईंट आदि अलग करने के लिए एक करोड़ की कीमत की अपनी मशीन लगाएगी। इन पदार्थो से सीमेंट तैयार किया जाएगा। कूड़े छानने की मशीन से खाद के अंश अलग हो जाएंगे। इसके बाद एक प्रक्रिया से कूडे़ से जैविक खाद तैयार किया जाएगा। यह खाद सस्ते दामों पर किसानों को बेचा जाएगा।
नगर पालिका चेयरपर्सन ने कंपनी को खाद बनाने की प्रक्रिया के लिए 60 दिन का समय दिया है। जो मशीन कूडे़ के बीच ढक गई थी, सफाई अभियान चलाकर उसे बाहर निकाला गया है। उदयपुर के बाद मुजफ्फरनगर पालिका ऐसी है जो कूडे़ से जैविक खाद बनाने का काम करेगी।
रेंकिंग में पालिका आ जाएगी ऊपर
मुजफ्फरनगर। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का कहना है कि स्वच्छता अभियान में हम केवल कूडा निस्तारण नहीं होने से रेंकिंग में पिछड़ रहे थे। 2020 के अंत तक खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इससे किसानों को देशी खाद भी आसानी से मिल पाएगा।