मोरना। शुकदेव धाम शुक्रताल में वेलेंटाइन-डे का विरोध कर साधु-संतों ने शहीदी दिवस मनाया। हवन कर सियाचिन में शहीदों की आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
शुक्रताल घाट पर वेलेंटाइन-डे के विरोध में आयोजित कार्यक्रम में गुरुकुल संस्कृत आश्रम के पूर्व प्रधानाचार्य इंद्रपाल राणा ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति हमारे युवाओं को भटकाव के मार्ग पर धकेल रही है। समाज को घृणित और अमानवीय पीड़ा से रूबरू होना पड़ रहा है।
जाट धर्मशाला के मुख्य प्रबंधक जगपाल वेद ने कहा कि राजगुरु, सुखदेव, भगत सिंह जैसे वीर सपूतों का राष्ट्र सदैव ऋषि रहेगा। पूर्व सैनिक स्वामी भजनानंद महाराज ने कहा कि शहीदों को नमन करने के बजाए युवा वेलेंटाइन-डे मनाएं, यह शर्म की बात है।
इससे पूर्व सियाचिन में जवानों की शहादत को लेकर दो मिनट का मौन रखा। महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती पर हवन में आहुति दी गई। कृपालदास महाराज, गोपालदास महाराज, प्रेमशंकर मिश्रा, प्रधान सुशील शर्मा, गोविंद शुक्ला, सुरेंद्र सिंह, नीरज बालियान उपस्थित रहे।
ग्रीटिंग्स की जलाई होली
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन ने शिव चौक पर वेलेंटाइन-डे के विरोध में रविवार को ग्रीटिंग्स की होली जलाई। इस दौरान वेलेंटाइन-डे के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। तुलसी पार्क में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय संयोजक संजय अरोरा, जिलाध्यक्ष कन्हैया शर्मा, नगर अध्यक्ष दयानंद सैनी, अमरीश शर्मा, मनोज त्यागी, अजीत वाल्मीकि, सोनू माहेश्वरी, अंकित पाल, राजू पाल, पुनीत अग्रवाल, अशोक त्यागी आदि रहे।