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सीएए का नहीं बल्कि संविधान का विरोध कर रहे विरोधी

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शिक्षक नगर में सीएए के समर्थन में भजन कीर्तन करती महिलाएं - फोटो : DEVBAND
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सीएए का नहीं बल्कि संविधान का विरोध कर रहे विरोधी
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देवबंद (सहारनपुर)। नागरिकता कानून के समर्थन में महिलाओं का भजन कीर्तन बृहस्पतिवार को 32 वें दिन भी जारी रहा। महिलाओं ने विरोधियों की सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। साथ ही सरकार से एनआरसी, समान नागरिक और जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग भी की है।
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शिक्षक नगर स्थित शिव पार्क में कार्यक्रम में शकुंतला राणा और उर्मिला ठाकुर ने कहा कि सीएए कानून संविधान के दायरे में लोकसभा में चर्चा के बाद पारित किया गया है। जो लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं। वह सीएए नहीं, बल्कि संविधान का विरोध कर रहे हैं। लोकसभा में पारित किसी कानून को संविधान के तहत सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाती है। इस तरह सड़क जाम करके विरोध करना अलोकतांत्रिक व अराजकता है। धरने पर बैठे लोगों को कानून की वास्तविकता समझते हुए अपनी हठधर्मिता को छोड़कर धरना समाप्त कर संविधान और लोकतंत्र का सम्मान करना चाहिए। सुमेधा शर्मा व संतोष कांबोज ने कहा कि 52 निर्दोष भारतीयों की हत्या और करोड़ों रुपये की संपत्ति के नुकसान के बाद भी विपक्षी दलों द्वारा गलत बयानबाजी कर लोगों को भड़काकर हिंसा फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने लोगों से शांति व भाईचारा कायम करने का संदेश दिया। डोली गोयल, शुभलेश शर्मा, इंद्रेश, रेखा धीमान, मंजू गुप्ता व सीमा धीमान आदि ने भी विचार रखे। इस मौके पर सुधा सैनी, लक्ष्मी गुप्ता, श्वेता गर्ग, ममता शर्मा, कुसुम गुप्ता, उषा धीमान, राजबाला धीमान, पिंकी त्यागी, उषा त्यागी, शीला सैनी, उमा कश्यप, नीलम वर्मा, शिखा, शालू बागोरिया, रजनी, संगीता गोयल, सुमन गुप्ता, सीमा सिंघल व गीता गर्ग आदि मौजूद रहे।
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