राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने तीसरे दिन भी हड़ताल रखकर सीएमओ कार्यालय में धरना दिया। कर्मचारियों ने सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए यज्ञ किया। विभिन्न संगठनों ने उनके साथ आकर समर्थन देने का ऐलान करते हुए आरपार की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया है। उधर, हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में जिला अस्पताल से लेकर पीएचसी और सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
सीएमओ कार्यालय में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए एनएचएम संघ के जिला उपाध्यक्ष डॉ. सचिन जैन ने कहा कि कर्मचारियों को किसी से डरने की जरूरत नहीं है। यदि कोई कार्रवाई करेगी तो अब तक बहाल सभी सेवाओं को बंद कर दिया जाएगा। इसमें इमरजेंसी सेवाएं भी शामिल होंगी। धरने के दौरान सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए यज्ञ किया गया। सभी कर्मचारियों ने यज्ञ में आहुतियां दीं। मंडल अध्यक्ष डॉ. अभिषेक ने कहा कि सरकार को इस बार कोई न कोई निर्णय लेना ही होगा।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष संजीव लांबा के साथ सिंचाई विभाग के संरक्षक गुलवीर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील कुमार, अजय कुमार, बाबी सैन, आदित्य कुमार आदि ने भी धरने पर पहुंचकर समर्थन दिया। जनता दल यूनाइटेड के मंडल अध्यक्ष महेश चंद, उपाध्यक्ष बिजेंद्र मलिक भी समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुटता के साथ जुटने का आह्वान किया। संविदा कर्मचारियों के धरने से विभिन्न अस्पतालों एवं कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी हो गई। इससे विभागीय कामकाज प्रभावित होने के साथ चिकित्सा सुविधाओं में भी परेशानी रही।
धरने को महामंत्री मणिकांत त्यागी, डॉ. शोभा भास्कर, डॉ. आमिर, डॉ. सुभाषचंद त्यागी, डॉ. अभिषेक, एनयूएचएम की महामंत्री मोनिका, डॉ. प्रवीण, डॉ. संजीव सैनी, डॉ. नवनीत, डॉ. हिमांशु त्यागी, डिंपल, रजनी, डॉ. सुधा गुप्ता, प्रियंका आदि ने संबोधित किया। डॉ. अंजू सिंह, डॉ. भावना गोयल, डॉ. पंकज, अनुराग शर्मा, देवेंद्र फार्मेसिस्ट, तरुण शर्मा, अश्वनी कुमार, रवि धीमान, कमलकांत वर्मा, कमल कुमार, हिमांशु जौहरी, अविनाश शर्मा, अनिल कुमार, प्रियंका शर्मा, सचिन फार्मेसिस्ट, पिंकी पवार, निर्मला, अक्षी, सचिन, रीना, सतीश कुमार, नरेश कुमार आदि रहे।