तीन बेटों की मां होने के बावजूद एक बुजुर्ग महिला परिवार में उपेक्षा से आहत होकर जान देने चल पड़ी। उसने खुदकुशी करने के लिए गंगनहर में छलांग लगा दी। गनीमत रही कि पास में ही जूस बेचने वाले एक युवक ने खुद कूदकर उसे बचा लिया।
मगर विडंबना देखिए कि मां के बचने और पुलिस के सूचित करने के बावजूद बेटे उसे लेने नहीं पहुंचे। पुलिस को ही यह महिला घर तक छोड़कर आई। यह महिला इससे पहले भी खुदकुशी का प्रयास कर चुकी है।
गांव अंतवाड़ा की निवासी 50 वर्षीय श्यामो ने बताया कि वह काफी समय से बीमारी से पीड़ित है। उसके तीन बेटे और बहुएं हैं। लेकिन वे उसका ख्याल नहीं रखते। बुढ़ापे में बीमारी पर उसके लिए दवाएं नहीं लाते। इस उपेक्षा से आहत होकर सोमवार सुबह वह गांव से अकेली गंगनहर पहुंच गई। यहां खुदकुशी करने के लिए उसने गंगनहर में छलांग लगा दी।
जिस समय महिला गंगनहर में कूदी तब पुल के पास गन्ने का जूस बेचने वाले गांव भैंसी निवासी आस मोहम्मद ने उसे देख लिया। युवक ने बिना देरी किए खुद कूदकर बुजुर्ग महिला को बचा लिया। इसके बाद आस मोहम्मद ने पुलिस को सूचना दे दी।
सूचना मिलने पर गंगनहर पहुंची पुलिस महिला को थाने ले आई। महिला थाने में भी गंगनहर में कूदने की बात पर अडिग रही। पुलिस ने महिला के बेटों को फोन करके सूचना दी। इसके बावजूद बेटे अपनी मां को थाने नहीं लेने पहुंचे। बाद में पुलिस ने ही महिला को उसके घर पहुंचाया। गांव के कुछ लोगों का कहना है कि यह महिला इससे पहले दो बार आत्महत्या करने की कोशिश कर चुकी है।