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केबी का रंग रहा फीका, दीपक को जिम्मेदारी

Tue, 17 May 2016 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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दीपक कुमार आईपीएस - फोटो : अमर उजाला
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सवा साल जिले के एसएसपी रहे केबी सिंह की कप्तानी में पुलिस सांप्रदायिक बवालों को रोकने में नाकाम रही। मीरापुर के भूम्मा गांव का मामला हो चाहे खतौली में दो संप्रदायों के बीच संघर्ष, पुलिस  हर मोर्चे पर सिर्फ लीपापोती में लगी रही। पुलिस कस्टडी में कई बड़े अपराधियों की हत्याएं कर दी गई। अपने तौर-तरीके को लेकर कप्तान चर्चाओं का हिस्सा बने रहें। उधर, शासन ने अब आईपीएस दीपक कुमार को जिले की कमान सौंपी है।
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जिले में पुलिसिंग का एसएसपी कृष्ण बहादुर सिंह को पुराना तजुर्बा था, क्योंकि वह यहां बतौर एसपी सिटी तैनात रह चुके थे। आईपीएस कैडर मिलने के बाद उन्हें फैजाबाद का एसएसपी बनने का मौका मिला। अखिलेश सरकार ने 14 फरवरी, 2015 को उन्हे जिले का कप्तान बना दिया। यहां की पृष्ठभूमि और राजनीति से वाकिफ सिंह ने सवा साल में अपने अंदाज में कप्तानी की।

यह अलग बात है कि उनके एसएसपी रहते खाकी का इकबाल कायम नहीं हो सका। दंगा झेल चुके जिले में लगातार सांप्रदायिक बवाल होते रहे। मीरापुर थाने के गांव भूम्मा में सोमपाल कश्यप की मस्जिद के सामने हत्या के बाद दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए थे। भोपा के सीकरी में पंचायत चुनाव के दौरान रंजिश में एक युवक की हत्या हो गई थी।
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आक्रोशित ग्रामीणों ने भोपा थाने पर बवाल काटा था। जिसमें एसओ प्रमोद पंवार को लाईन हाजिर किया गया था। बुढाना कोतवाली के गांव कुरथल में प्रधानी चुनावी रंजिश को लेकर बिल्लू की हत्या के प्रकरण में पुलिस की फजीहत हुई थी। चरथावल में हैबतपुर गांव की छात्राओं के साथ बस में छेड़छाड़ को लेकर हुए संघर्ष में पुलिस के पसीने छूट गए थे।

खतौली में मौहल्ला देवीदास में वाल्मीकि और मुस्लिमों के संघर्ष में पुलिस तमाशबीन बनी रही। शहर के नया बांस में भी सांप्रदायिक बवाल होते-होते बचा था। अमन चैन की कोशिशें नाकाम रही और पुलिस की कोई पहल बवाल नहीं रोक पाई। एसएसपी केबी सिंह के कार्यकाल में पुलिस कस्टडी में कई बड़े अपराधी मारे गए। उन्हे जिले में आए दो ही दिन  हुए थे कि कोर्ट में कुख्यात विक्की त्यागी को गोलियों से भून दिया गया।

रेलवे स्टेशन पर पुलिस अभिरक्षा में शातिर अपराधी आसिफ जायदा की हत्या कर दी गई। राहुल खट्टा गैंग ने चरथावल इलाके के बिरालसी भट्टे पर दो सिपाहियों लखपत और दिनेश को घायल कर सरकारी राइफलें लूट ली थी। एसएसपी का कप्तानी का अंदाज अपने ही मिजाज का रहा।

सत्तारूढ़ राजनीतिज्ञों को मनाने में वो एक्सपर्ट रहे। हालांकि उनकी कप्तानी में खाकी का रुतबा दम नहीं दिखा पाया। थानों की ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर भी सवाल उठते रहे। नए एसएसपी दीपक कुमार बनाए गए हैं। वह बागपत जिले के एसपी और इसके बाद में मेरठ में एसएसपी रह चुके है। 
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