चरथावल (मुजफ्फरनगर)। मुजफ्फरनगर-चरथावल मार्ग पर बन गए गहरे गड्ढों में फिर दो जान चली गईं। पिछले 10 माह से विवादों में घिरे मार्ग के गड्ढे आए दिन हादसों की वजह बन गए हैं। समाधान कराने के बजाए अधिकारियों ने जिम्मेदारी की आंखें बंद कर ली हैं। क्षेत्र के लोगों के बीच गम और गुस्से का माहौल है।
रोहाना बस स्टैंड के पास चौड़ीकरण का कार्य करीब 10 महीने से अधूरा पड़ा है। सड़क के मध्य से 35-40 फीट की दूरी पर नाला निर्माण पर अलग-अलग राय से विवाद बन गया। भाकियू टिकैत, भाकियू अराजैनतिक के कार्यकर्ताओं की पंचायत के आमने-सामने आने के बाद प्रशासन बैकफुट पर आ गया था।
इसी वजह से 10 महीने से सड़क निर्माण नहीं हो रहा है। लोक निर्माण विभाग के अलावा प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने मुद्दे से आंख बंद कर ली है। क्षतिग्रस्त सड़क लोगों की जान लील रहीं है। पिछले 10 माह में मौत का आंकड़ा भयावह है, जबकि चोटिल होने वालों की संख्या भी 50 से ज्यादा है।
चेयरमैन इस्लामुद्दीन और समाजसेवी गौरव त्यागी का कहना है कि प्रशासन काे अधूरे निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराना चाहिए ताकि हादसों पर अंकुश लग सके।
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सऊदी अरब में हैं मृतक मां-बेटी के शौहर
चरथावल। तगायान मुस्लिम मोहल्ले के ताजीम की बेटी चांदनी की शादी निर्धना गांव में मुनीर के साथ हुई थी, उसके शौहर फिलहाल सऊदी अरब में काम करते हैं। मृतका सायरा बानो का शौहर ताजिम भी सऊदी अरब में ही है।
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बदहाली पर जगाया था, अभी आंख नहीं खुली
चरथावल। सड़क किनारे पेड़, अधूरा निर्माण से आए दिन हादसे हो रहे हैं। अमर उजाला ने 14 मई के अंक में इस मुद्दे को उठाया था। 19 मई को निर्धना मोड़ पर कार पेड़ से टकराने से लुहारी के सैफ की जान गई। 20 मई को बिरालसी नहर पर मंगनपुर के पास बाइक सवार लोई निवासी सरताज और बुधवार को चरथावल में मां-बेटी की मौत हो गई। पिछले तीन दिन में पांच जान जा चुकी हैं।