रेलवे फ्रेट कारीडोर के लिए अधिग्रहित होने वाली किसानों की भूमि का मुआवजा तय न होने पर भाकियू ने गांव भैंसी के सामने रेलवे ट्रैक पर अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी है। यह धरना आठ नवंबर को दिया जाएगा।
अधिग्रहण मामले में मुआवजे के मुद्दे को लेकर गांव भैंसी में भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के घेर में पंचायत हुई। इसमें 26 गांवों से भाकियू के प्रतिनिधि और किसान शामिल हुए। पंचायत में जिलाध्यक्ष ने कहा कि रेलवे की ओर से फ्रेट कारीडोर की तैयारी तो शुरू कर दी गई है। लेकिन इसके लिए अधिग्रहित होने वाली किसानों की जमीन के मुआवजे के लिए अभी कुछ तय नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और फ्रेट कारीडोर से जुड़े अफसरोें की ओर से किसानों को सही मुआवजे का आश्वासन ही दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि किसानों को अधिग्रहण भूमि का मुआवजा अकृषि की दर से समान रेट दिया जाना चाहिए। किसानों को परेशानी से बचने के लिए डीएम को निगरानी दी जाए तथा अवार्ड में त्रुटि को ठीक कराया जाए।
पंचायत में निर्णय लिया गया कि किसान मुआवजे को लेकर आठ नवंबर को गांव भैंसी के सामने रेलवे लाईन पर तंबू गाड कर धरना देकर रेल संचालन को बाधित करेंगे। पंचायत में राजपाल, सुनील प्रधान भैंसी, राजेंद्र, जगपाल, ईश्वर, अतीक अहमद, अमरनाथ, विजय, कन्हैया, मांगेराम, सतीश, लवली, जयपाल, महक सिंह, इंतजार, इस्लाम आदि थे।