मुजफ्फरनगर। छपरा गांव की आशा कर्मी से हुई गैंगरेप और आत्महत्या के मामले में धरने पर बैठी आशाओं को न्याय दिलाने के लिए भाकियू भी सक्रिय हो गई है। भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत के पुत्र गौरव टिकैत की एसएसपी ऑफिस पर कूच करने की चेतावनी के बाद अफसर धरनास्थल पर दौड़े पड़े। आशाओं की मांग थी कि एसओ को सस्पेंड किया जाए और आरोपियों पर रासुका लगाई जाए। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की गई। अफसरों ने आरोपियों पर कठोर कार्रवाई और शासन से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
डीएम ऑफिस पर भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठी आशाओं की पीड़ा सुनने दो घंटे तक जब कोई अधिकारी नहीं पहुंचा, तो भाकियू नेताओं ने प्रशासन को सीधे चेतावनी दे दी। भाकियू नेता गौरव टिकैत ने कहा कि यदि 15 मिनट में अधिकारी उनके बीच में नहीं आए, तो सभी किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर एसएसपी ऑफिस कूच करेंगे। चेतावनी के बाद सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह और सीओ सिटी डॉ. तेजवीर सिंह धरनास्थल पर पहुंचे। भाकियू नेताओं ने दोनों अधिकारियों की बात सुनने से मना कर दिया। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत और धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि एसओ को सस्पेंड करने, आरोपियों पर रासुुका लगाने, पीड़ित को मुआवजा, मुकदमा एफटीसी में चलाए जाने की घोषणा अधिकारी करें।
दबाव के चलते कुछ ही देर में एडीएम प्रशासन मनोज सिंह और एसपी सिटी प्रदीप गुप्ता किसानों के बीच पहुंचे। एडीएम प्रशासन ने जब कहा कि आचार संहिता के चलते मुआवजे की घोषणा नहीं हो सकती, तो भाकियू जिलाध्यक्ष ने एडीएम को वहीं पर बैठा लिया। इसके बाद एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी पकड़ा गया है, जो दो ओर नाम सामने आए हैं उन्हें भी पकड़ा जाएगा। पूरे मामले में ईमानदारी से कार्रवाई होगी। सीएमओ डॉ. सुबोध कुमार ने भी आशाओं के बीच पहुंचकर आश्वासन दिया कि उनकी सभी समस्याओं और मृतका को हर तरह से न्याय दिलाया जाएगा। मुनेश देवी ने मृतका के साथ घटी घटना और आशाओं के सामने आने वाली परेशानियों के बारे में बताया। रानी अब्बास ने कहा कि महिलाओं के सम्मान में किसी भी बलिदान के लिए तैयार हैं।