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किसानों को परेशान कर रहे अधिकारी : श्यामवीर

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देवबंद(सहारनपुर)। किसानों ने शासन प्रशासन पर गन्ने की पत्ती व पराली न जलाने के सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों का हवाला देकर परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पराली व गन्ने की पत्ती जलाने पर प्रतिबंध लगाने से पहले सरकार को इसकी व्यवस्था करनी चाहिए थी।
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सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के निर्देशों का पालन कराने के लिए शासन प्रशासन बेहद सख्ती बरत रहा है। गन्ना और कृषि विभाग के अधिकारियों की टीमों को गांवों में उतार दिया गया है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहां पर पत्ती व पराली जल रही है। देवबंद तहसील में अब तक छह से अधिक किसानों पर प्रशासन रिपोर्ट दर्ज करा चुका है। जिसको लेकर किसानों में भारी रोष है। शुक्रवार को गंझेड़ी गांव में भारतीय किसान संघ की बैठक में प्रदेश संयोजक श्यामवीर त्यागी और अमरनाथ धीमान ने कहा कि डी-कंपोजर पूरे ब्लाक में नहीं है। गन्ना पत्ती काटने के लिए किसानों को मल्चर मशीन मुहैया कराई जाए। उनका कहना है कि अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर किसानों को परेशान कर रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पर सरकार को कई मर्तबा आदेशित कर चुका है। बावजूद इसके चीनी मिलों ने आज तक भुगतान नहीं किया है। किसान तो पहले ही परेशान है। अब उन्हें गन्ना पत्ती व पराली के नाम पर तंग किया जा रहा है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनुज चौधरी और शराफत त्यागी ने कहा कि एसी में बैठकर अव्यवहारिक कानून बनाए जा रहे हैं जो किसानों को परेशान करने वाले हैं। सरकार को इन पर विचार करना चाहिए। इस मौके पर इरफान त्यागी, इंतजार त्यागी, नूर मोहम्मद, राज्जा आदि किसान मौजूद रहे।
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