विकास भवन में बैठक लेती राज्यपाल आनंदीबेन पटेल।
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मुजफ्फरनगर। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का जोर स्वस्थ बचपन पर रहा। 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य पर उन्होंने अधिकारियों और शिक्षकों को टीबी पीड़ित एक-एक बच्चे को गोद लेने को कहा। मंत्रियों और स्वयं सेवी संस्थाओं को भी इस मुहिम से जोड़ें और 15 दिनों में सभी टीबी ग्रसित बच्चों को गोद दे दिया जाए।
बुधवार को विकास भवन में अधिकारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं की करीब 45 मिनट चली बैठक में राज्यपाल ने 30 मिनट टीबी पर ही दिए। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेशचंद गुप्ता ने टीबी पर प्रजेंटेशन दिया। राज्यपाल ने कहा कि मंत्री, विधायक, स्कूलों के प्रधानाध्यापक और सभी अधिकारी टीबी पीड़ित एक-एक बच्चे को गोद लें। समय-समय पर उनके घर जाएं। उनकी मदद करें तथा टीबी से लड़ने में बच्चों की हौसलाअफजाई करें। जब अधिकारी और जनप्रतिनिधि पीड़ित के घर जाएंगे तो उनके परिजनों को भी हौसला मिलेगा। घरों में साफ-सफाई बेहतर होगी। अफसरों को जनता से जुड़ने का मौका मिलेगा और टीबी का भी खात्मा होगा। राज्यपाल ने टीबी का उपचार पूरा कर चुके और उपचारधीन पांच-पांच बच्चों को फल वितरित किए।
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जिले में 257 बच्चे टीबी से ग्रसित
जनपद में टीबी रोगियों की संख्या 6560 है। इनमें से 257 रोगी 18 वर्ष से कम आयु के हैं। 114 बच्चों को बेहतर उपचार के लिए अधिकारियों और संस्थाओं को गोद दिया जा चुका है। डीएम, सीडीओ, सीएमओ, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, भारत विकास परिषद, गुडविल सोसायटी, इनव्हील क्लब आदि ने बच्चों की जिम्मेदारी ली है।