किसानों को शांत करते पुलिस अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
बुढ़ाना में गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने चीनी मिल भैंसाना में जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। गुस्साए किसानों ने तौल भी बंद करवा दी। इसके बाद किसान कैनयार्ड परिसर में धरने पर बैठ गए।
चालू सत्र के गन्ने का भुगतान न होने से नाराज किसान रविवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे चीनी मिल भैंसाना पहुंचे। गुस्साए किसानों ने चीनी मिल के केन यार्ड परिसर में जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। गुस्सा जाहिर करते हुए किसानों ने तौल बंद करा दी। बताया कि चीनी मिल पर चालू सत्र का करीब 222 करोड़ रुपये बकाया है। जनपद की अन्य चीनी मिलें किसानों के गन्ने का अपडेट भुगतान कर रही हैं। भैंसाना चीनी मिल ने अभी तक किसानों का पिछले सत्र का बकाया भुगतान दिया है। इस सत्र का मात्र 57 करोड़ का भुगतान किसानों को दिया गया है।
हंगामे के बाद किसान चीनी मिल के यार्ड परिसर में धरने पर बैठ गए। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक चीनी मिल उनके बकाया भुगतान की समस्या का समाधान नहीं करेगी, वे चीनी मिल नहीं चलने देंगे। इस दौरान 21 किसानों की एक कमेटी बनाई गई जो अधिकारियों को समस्या से अवगत कराएगी। किसानों के बीच पहले इंस्पेक्टर डीके त्यागी पहुंचे। उन्होंने किसानों से 15 दिन में गन्ने का बकाया भुगतान दिलवाने का आश्वासन दिया। इसे किसानों ने मना कर दिया।
इसके बाद एसडीएम श्याम अवध चौहान ने किसानों के बीच पहुंचकर किसानों को चार मार्च तक भुगतान दिलवाने का आश्वासन दिया। इस पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। लेकिन चेतावनी दी कि यदि भुगतान न हो पाया तो चार मार्च को ही महापंचायत की जाएगी। धरना स्थल पर ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह, गन्ना समिति चेयरमैन राजबाला देवी, प्रमोद सैनी, सतपाल सहरावत, प्रदीप उर्फ मंगलू, सुधीर, मनोज, नटवर, संजीव पंवार, सरवर, अतहर हसन, हनीफ राना आदि मुख्य रुप से मौजूद रहे।