सहारनपुर मंडल की राजनीति में इस बार मुस्लिमों को बड़ा झटका लगा है। 16 विधानसभा सीटों में से मात्र दो सीटों पर ही मुस्लिमों को संतोष करना पड़ा है। इनमें भी कैराना और सहारनपुर देहात सीट शामिल है। मुजफ्फरनगर जिले में इस बार एक भी मुसलमान नहीं जीत पाया है। मंडल में सैनी, जाट और वैश्य विधायकों की संख्या बढ़ी है। गुर्जर और ठाकुर विधायकों की संख्या भी घटी है।
मंडल की 16 सीटों में सहारनपुर में सात, शामली में तीन और मुजफ्फरनगर जिले में छह विधानसभा सीट हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव पर नजर डाले तो मंडल की 16 में से तीन सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी जीते थे। इनमें सहारनपुर और शामली जिले में कोई मुस्लिम चुनाव नहीं जीत पाया था। मुजफ्फरनगर जिले से तीन मुस्लिम विधायक बने थे। इसमें बुढ़ाना से सपा के टिकट पर नवाजिश आलम, मीरापुर से बसपा से मौलाना जमील अहमद और चरथावल से नूरसलीम राना चुनाव जीते थे। इस बार शामली जिले में कैराना से सपा के नाहिद हसन विजयी हुए हैं और सहारनपुर जिले की देहात सीट से कांग्रेस के मसूद अख्तर ने जीत हासिल की है।
मंडल में इस बार सैनी जाति के तीन विधायक बने हैं, इनमें बेहट से कांग्रेस के नरेश सैनी, नकुड़ से बीजेपी के धर्मसिंह सैनी और खतौली से भाजपा के विक्रम सैनी ने जीत हासिल की। जाट समाज के दो विधायक बने हैं, जिसमें शामली से बीजेपी के तेजेंद्र निर्वाल और बुढ़ाना से उमेश मलिक है। दो ठाकुर विधायक बने हैं, इनमें थानाभवन से बीजेपी से सुरेश राना और देवबंद से ब्रिजेश सिंह हैं। दो गुर्जर जीते हैं, इनमें गंगोह से बीजेपी के प्रदीप चौधरी और मीरापुर से अवतार भड़ाना हैं।
दो वैश्य चुनाव जीते हैं, इनमें सहारनपुर सदर से सपा के संजय गर्ग और मुजफ्फरनगर सदर सीट से बीजेपी के कपिलदेव अग्रवाल हैं। दो दलित जीते हैं, जिनमें रामपुर मनिहारान से बीजेपी के देवेंद्र निम और पुरकाजी से प्रमोद ऊंटवाल वाल्मीकि हैं। इनके अलावा चरथावल से इस बार कश्यप जाति के विजय कश्यप ने जीत हासिल की है। 2012 के चुनाव में तीन गुर्जर, तीन ठाकुर जीते थे, जो इस बार घटकर दो-दो रह गए हैं। सैनी एक जीता था जो बढ़कर इस बार तीन हुए हैं। जाट समाज का विधायक एक जीता था जो इस बार बढ़कर दो हो गए हैं।