अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। लंबे समय से आपत्तियों में उलझे चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग (गंगनहर की दाईं पटरी) निर्माण के लिए संशोधित प्रस्ताव तैयार किया गया है। पहले प्रस्ताव में नहर के डोले से करीब साढ़े सात मीटर दूर निर्माण होना था, लेकिन नए प्रस्ताव में दो मीटर की दूरी रखी गई है। शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। फरवरी में कार्य शुरू होने की संभावना है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद से 111.49 किमी लंबी पटरी का निर्माण करीब 628.74 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित किया गया गया था। मेरठ में पेड़ कटान को लेकर मामला एनजीटी तक पहुंचा। वन विभाग की एनओसी में मामला उलझा रहा। लोक निर्माण विभाग खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अभिषेक सिंह ने बताया कि निर्माण की दूरी का संशोधित प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। मौसम में बदलाव के साथ ही फरवरी में कार्य शुरू होने की संभावना है।
सात साल पहले सीएम ने की थी घोषणा : सीएम योगी आदित्यनाथ ने 28 मई 2018 को चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग की दाईं पटरी के निर्माण की घोषणा की थी। अगले साल यानि वर्ष 2019 में कैबिनेट की बैठक में मार्ग की लंबाई और बजट को हरी झंडी दे दी गई। अलग-अलग वजहों से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। सात साल बाद