मतदान को शांतिपूर्ण कराने के लिए चुनाव आयोग हर तरह की तैयारियों मेें जुटा है। इसके लिए पुलिस द्वारा छोटे-बड़े वाहनों का अधिग्रहण किया जाएगा। अफसरों के आदेश पर सूची के माध्यम से पुलिस कामर्शियल वाहनों के मालिकों को नोटिस भेज रही है। तीन दिन के लिए इस्तेमाल में लिए जाने वाले वाहनों को तय दर के अनुसार खर्चे का भुगतान किया जाएगा।
विधानसभा चुनावों के प्रथम चरण में जनपद में 11 फरवरी को मतदान होना है। मतदान को शांतिपूर्ण कराने के लिए चुनाव अयोग ने व्यवस्था बनानी शुरू कर दी है। इसके लिए जनपद के कामर्शियल वाहनों को अधिग्रहण करने की प्रक्रिया का काम शुरू कर दिया गया है। जिन वाहनों को चुनाव के दौरान ड्यूटी में लिया जाना है, उनके स्वामियों को जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश पर नोटिस के माध्यम से सूचना दी जा रही है।
नोटिस मेें वाहन स्वामी को आठ फरवरी से वाहन को प्रशासन को सौंपने को कहा गया है। मतदान के बाद 11 फरवरी के बाद ही अधिग्रहीत वाहन को छोड़ा जाएगा। इनमें ट्रक, बस, टैक्सी, जीप आदि वाहनों को लिया जाएगा। गाड़ियों को बूथ पर भेजी जाने वाली पोलिंग पार्टियों, पुलिस फोर्स, कलस्टर मोबाइल, सेक्टर और जोन मजिस्ट्रेट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। वाहन स्वामियों को नोटिस के माध्यम से वाहन के सही रख रखाव, चालक-परिचालक की सही व्यक्ति को भेजने आदि जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं।
जनपद में आने वाली फोर्स के हिसाब से वाहनों का अधिग्रहण किया जाएगा। बड़े वाहनों को कूकड़ा मंडी में और छोटों को पुलिस लाइन एवं राइफल क्लब में इकट्ठा किया जाएगा। बाद में सभी को तय ड्यूटी स्थल के लिए भेजा जाएगा। -डॉ कृष्णगोपाल यादव, एसपी ट्रैफिक