जिले की 29 पेपर मिलों को नोटिस, दो पर जुर्माना
मुजफ्फरनगर। प्लास्टिक वेस्ट का निरस्तारण नहीं होने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से 29 पेपर मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिसमें वेेस्ट पेपर की प्रोसेसिंग से जनित प्लास्टिक, पॉलिथीन का सही निस्तारण करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही जांच के दौरान बॉयलर के पास प्लास्टिक और पॉलिथीन पाए जाने पर दो पेपर मिलों पर जुर्माना किया गया है।
पेपर मिलों में आने वाले पेपर के साथ प्लास्टिक और पॉलिथीन भी आती है, जिसे प्रोसेसिंग के दौरान अलग किया जाता है। पेपर मिल वाले इस प्लास्टिक और पॉलिथीन को बॉयलर में जलाते थे, या फिर कोल्हू वालों को बेचते थे, जिससे वायु प्रदूषण होता था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्ती बरती तो इसका जलाना तो बंद हो गया, मगर उसे बाहर सड़कों पर डाला जाने लगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से हाल में ही जिले के भोपा रोड, मेरठ रोड, जानसठ रोड और जौली रोड पर निरीक्षण किया तो पाया कि सड़कों के किनारे वेस्ट प्लास्टिक और पॉलिथीन डाल रखी थी। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जिले में चल रही 29 पेपर मिल के मालिकों को नोटिस भेज कर इस प्लास्टिक और पॉलिथीन का सही निस्तारण करने के आदेश दिए। इसके बाद पेपर मिलों की जांच पड़ताल की गई। इस दौरान केके डुप्लेक्स और मीनू पेपर मिल के बॉयलरों के पास प्लास्टिक और पॉलिथीन पाया गया, जिस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से केके डुप्लेक्स पर 4.20 लाख रुपये और मीनू पेपर मिल पर 30 हजार रुपये रोजाना का जुर्माना किया गया।
चित्तौड़गढ़ भेजा जा रहा वेस्ट प्लास्टिक
मुजफ्फरनगर। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से की गई कार्रवाई के बाद अब पेपर मिलों ने वेस्ट प्लास्टिक को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में स्थित एक सीमेंट फैक्टरी को भेजना शुरू कर दिया है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी के अनुसार बीते छह दिनों में जिले के पेपर मिलों से 250 मीट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट चित्तौड़गढ़ की सीमेंट फैक्टरी को भेजा गया है।
इन्होंने कहा...
पेपर मिलों में प्रोसेसिंग के दौरान निकलने वाली प्लास्टिक का सही निस्तारण नहीं होने पर 29 पेपर मिलों को नोटिस जारी किए गए। इनमें जांच की तो दो पेपर मिलों में बॉयलरों के पास प्लास्टिक पाया गया, जिस पर दोनों पेपर मिलों पर जुर्माना किया गया है। बाकी मिलों की भी नियमित जांच की जा रही है। अब चित्तौड़गढ़ सीमेंट फैक्टरी में प्लास्टिक भेजना शुरू किया गया है - अंकित सिंह, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी।