आयकर विभाग ने 15 लाख से अधिक का 500 और 1000 के नोट का कैश जमा करने वाले 400 और व्यापारियों को नोटिस जारी किए हैं। शहर में अब तक 1200 लोगों को नोटिस जारी हो चुके हैं। विभाग की कार्रवाई से शहर के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। घोषित आय से अधिक पैसा बैंकों में जमा करने के कारण व्यापारियों के सामने ये परिस्थितियां पैदा हुई हैं। विभागीय अधिकारी कई बड़े मामलों की जांच कर रहे हैं।
आयकर विभाग की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। जिन लोगों को एक सप्ताह पहले नोटिस जारी किए गए थे। अभी उन पर कार्रवाई पूरी हुई भी नहीं कि आयकर विभाग के मुख्यालय से कार्रवाई के लिए 400 व्यापारियों की एक और लिस्ट आ गई है। इससे पहले जो लिस्ट जारी हुई थी, उसमें शहर में 400 ऐसे व्यापारी है, जिन्होंने एक करोड़ से अधिक अपने खातों में जमा किया है। 225 व्यापारी ऐसे हैं, जिन्होंने 50 लाख से ज्यादा अपने खातों में जमा कराया।
आयकर विभाग की टीम लगातार छापे मारकर कार्रवाई भी कर रही है। जांच के बाद व्यापारियों से 50 प्रतिशत टैक्स और 25 प्रतिशत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में जमा कराया जा रहा है। विभाग ने 400 और व्यापारियों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। इनमें वे सभी व्यापारी हैं, जिन्होंने अपने खातों में 15 लाख से अधिक जमा किए हैं। भोपा रोड स्थित पेट्रोल पंप मालिकों की जांच कर रहे आयकर अधिकारियों ने बताया कि बैंक से रिकार्ड बुधवार को मिलेगा।
इस मामले में सीधी कार्रवाई होगी। इसी के साथ एक करोड़ से अधिक खाते में जमा कराने वाले सैकड़ों लोग विभाग के रडार पर हैं। इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जो जांच चल रही है, इसमें व्यापारी कुछ भी नहीं छिपा सकता। अधिकारी भी अपनी मर्जी से कुछ नहीं कर सकते। वित्त मंत्रालय ने जो गाइड लाइन जारी की है, उसी के अनुसार कार्रवाई होगी।
स्कीम के दस दिन शेष
मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में शामिल होने को घोषित संपत्ति से ज्यादा बैंक में जमा कराने वालों के लिए केवल दस दिन शेष रह गए हैं। इसके बाद विभाग सीधे कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा। टैक्स के साथ पैनल्टी भी जमा करनी होगी, जो पैसा जमा है उससे ज्यादा भी लिया जा सकता है। बहुत ही कम व्यापारी ऐसे हैं, जिन्होंने फजीहत से बचने के लिए योजना का लाभ लिया है।
आयकर वकीलों की चांदी
मुजफ्फरनगर। आयकर विभाग के नोटिस जारी होने के बाद आयकर अधिवक्ताओं की चांदी कट रही है। अचानक क्लाइंट की संख्या बढ़ गई है। कुछ व्यापारी तो ऐसे हैं जो अब तक आयकर के दायरे से ही बचे थे, बैंक में अधिक पैसा जमा करने के कारण चक्रव्यूह में फंस गए हैं। ऐसे व्यापारी भी नोटिस मिलने के बाद वकीलों की शरण में पहुंच गए हैं।